छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित (Chhattisgarh Rain) कर दिया है। गरियाबंद जिले में उदंती नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल अचानक भरभराकर गिर गया, जबकि कई जिलों में नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
बारिश के कारण कई जगह सड़क संपर्क बाधित हुआ है, जलभराव (Chhattisgarh Rain) की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है। लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

गरियाबंद जिले की उदंती नदी पर ओडिशा सरकार की ओर से करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा निर्माणाधीन पुल भारी बारिश के बीच ढह गया। यह पुल छत्तीसगढ़ के अमलीगांव को ओडिशा के चार गांवों से जोड़ने वाला था। पुल गिरने से दोनों राज्यों के बीच स्थानीय संपर्क प्रभावित हुआ है।
रायपुर में महादेव घाट का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश के चलते रायपुर के महादेव घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर जाने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सूरजपुर में नदी में बहा बच्चा, रेस्क्यू जारी
सूरजपुर जिले के चपदा गांव में 10 वर्षीय बच्चा ढेकी नदी के तेज बहाव (Chhattisgarh Rain) में बह गया। एनडीआरएफ की टीम लगातार तलाश अभियान चला रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बच्चे का पता नहीं चल सका है।

गरियाबंद में गौठान बना टापू Chhattisgarh Rain
सुहागपुर गौठान बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर गया। यहां एक परिवार करीब चार घंटे तक फंसा रहा, जिसे नगर सेना की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि गौठान में मौजूद करीब 300 गायें अभी भी पानी से घिरी हुई हैं।
चार दिन बाद मिला दंपती का शव
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में उफनते नाले में बह गए उप सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल का शव चार दिन बाद उनकी कार के अंदर मिला। विशेष रेस्क्यू टीम की मदद से वाहन और दोनों शव बरामद किए गए।
बालोद में आकाशीय बिजली से 8 मवेशियों की मौत
बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के लिमहाटोला गांव में पेड़ के नीचे खड़े छह गाय, एक बैल और एक बछड़ा आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए, जिससे सभी की मौत हो गई। घटना के समय चरवाहा सुरक्षित बच गया।
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उत्तर आंतरिक ओडिशा के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से रायपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग सहित कई जिलों में अगले 24 घंटे तक भारी से बहुत भारी बारिश (Chhattisgarh Rain) की संभावना है। 31 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं।
बांधों से छोड़ा जा रहा पानी
सिकासार बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पैरी नदी किनारे अलर्ट जारी किया गया है। वहीं धमतरी में सोंढूर डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं और जलाशयों के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।