झीरम घाटी फैसले पर CM साय का कांग्रेस पर पलटवार : बोले- सबूत थे तो 13 साल में NIA को क्यों नहीं दिए? - Haribhoomi

Published on 6 सित॰ 2026

झीरम घाटी मामले में कांग्रेस के सवालों पर CM विष्णुदेव साय ने पलटवार किया। बोले- 13 साल चली जांच के बाद फैसला आया, सबूत थे तो NIA को क्यों नहीं दिए?

CM Vishnudev Sai

CM विष्णुदेव साय

  • Published: 06 Sep 2026, 08:19 PM IST
  • Last Updated: 06 Sep 2026, 08:19 PM IST

रायपुर। झीरम घाटी मामले में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच एनआईए को उस समय सौंपी गई थी, जब केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी। करीब 13 वर्षों तक जांच और न्यायिक प्रक्रिया चली, जिसमें 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज हुए। तमाम तथ्यों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराया है। दोषियों की सजा पर 16 सितंबर को फैसला होना है।

‘सबूत थे तो जांच एजेंसी को क्यों नहीं दिए?’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनआईए देश की प्रमुख जांच एजेंसियों में से एक है और इस मामले की जांच लंबे समय तक चली। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि यदि उनके पास मामले से जुड़े कोई तथ्य, प्रमाण या सबूत थे तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने क्यों नहीं रखा गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुराने बयान का जिक्र करते हुए साय ने कहा कि जब वे विपक्ष में थे, तब सबूत जेब में होने की बात कहते थे। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि यदि उनके पास वास्तव में कोई सबूत था तो उसे एनआईए को क्यों नहीं सौंपा गया। 

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कांग्रेस पर ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति का आरोप
कांग्रेस में प्रभारियों के फेरबदल को लेकर भी मुख्यमंत्री साय ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति आज भी ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चल रही है और पार्टी के भीतर गुटबाजी व आपसी खींचतान लगातार सामने आती रहती है।

भूपेश बघेल के प्रभार बदलाव पर भी कसा तंज
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रभार में बदलाव को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जब बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, तब वहां भी उनका विरोध सामने आया था। साय ने कहा कि कांग्रेस का संगठनात्मक बदलाव उसका आंतरिक मामला है, लेकिन इससे पार्टी के भीतर चल रही खींचतान सामने आती है। 

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‘जनता को बयानबाजी नहीं, तथ्य चाहिए’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने संगठन के भीतर झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया राजनीतिक बयानों से नहीं, बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ती है। उनके मुताबिक जनता आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बजाय तथ्य और प्रमाण चाहती है।

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