
उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी
देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष के सत्ता सम्मेलन-उत्तराखंड के मंच पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर हमला बोला और फेक नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया. सीएम धामी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे, इतने वरिष्ठ नेता हैं, एक ओ पार्टी, जिसने 60-70 सालों तक देश में शासन किया है. इधर के सालों में 100 बार चुनाव हारने का भी रिकॉर्ड भी उनके नाम बन चुका है. खरगे का बहुत सम्मान करता हूं, मल्लिकार्जुन खरगे से कभी उनका व्यक्तिगत परिचय नहीं हुआ, लेकिन जैसी उनकी आयु है, जैसा उनका अनुभव है, कांग्रेस पार्टी में कर रहे हैं. ऐसे नेताओं का बड़ा योगदान होता है.
सीएम धामी ने कहा कि जिनके सामने कई राज्यों के मुख्यमंत्री लाइन में खड़े रहते हों, कई मंत्री खड़े रहते होंगे. कई बड़े-बड़े नेता, सांसद और विधायक खड़े होते हैं. उनको कम से कम ऐसा फेक नैरेटिव तो नहीं बनाना चाहिए कि वो एक वर्ग में हैं, जाति में हैं. इसलिए विरोध होगा.
उत्तराखंड जातियों में बांटने वाली भूमि नहीं
उन्होंने कहा कि यह देवभूमि उत्तराखंड है, यह वर्गों में बांटने वाली भूमि नहीं. यह जातियों में बांटने वाली भूमि नहीं है. यह तो सभी को आत्मसात करती है, क्योंकि यह देवभूमि है. यह सनातन की भूमि है. वहां असली बात ये हुई कि उनकी रैली हुई. उस रैली में लोग कुछ बोतलें ले आए. बोतलों में यूरिन डाल दिया. वहां गंदगी कर दी. वहां कुछ धार्मिक नारे लगा दिये.
उन्होंने कहा कि इसके विरोध में लोग आए. यहां पर श्रीराम लीला का मंचन होता है. राम लीला होती है. अच्छे-अच्छे कार्यक्रम होते हैं. धार्मिक कार्यक्रम होते हैं. ऐसे स्थान पर धार्मिक उन्माद के नारे लगाए गए तो स्वतः ही कुछ लोग वहां शुद्धि हवन किया. खरगे जी और उनकी पार्टी को हर चीज में वोट दिखाई देते हैं. हर चीज में नैरेटिव बनाना है. तो उन्होंने सोचा कि नैरेटिव बनाना है.
सीएम धामी ने कहा कि यहां कोई चर्चा नहीं हुई और देश की संसद में उन्होंने उठा दिया. उससे पहले जिन लोगों ने हवन किया था, उनके बयान भी थे. बयान दे रहे थे कि क्यों वहां हवन कर रहे थे. क्या यहां ऐसे लोग रहते हैं, जो जातियों में बांटेंगे.
खरगे पर धामी का पलटवार
सीएम धामी ने कहा कि हम उस पार्टी के लोग हैं, जिस पार्टी के नेता नरेंद्र मोदी ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास जिस आंबेडकर को भारत रत्न इन्होंने नहीं दिया. उनके नाम से पंचतीर्थ बनाने का काम हमने किया है. उन्होंने बाबू जगजीवन राम के साथ क्या किया?
उन्होंने कहा कि सीताराम केसरी इनके अध्यक्ष होते थे. उनके साथ किस तरह से दुर्व्यवहार किया. वो वोटों के लिए ऐसा कर रहे हैं. जो शुद्धि हवन करने वाले दलित वर्ग के ही लोग थे, आधे से ज्यादा लोग. जो गुब्बारा बना था. रात तक खत्म हो गया. लोग समझ गये कि यह किसलिए बनाया जा रहा है.
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अजय विद्यार्थी
कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन. प्रभात खबर में बतौर सीनियर न्यूज़ एडिटर काम किया. ग्राउंड रिपोर्टिंग और एडिटिंग में करीब 20 सालों से ज्यादा का अनुभव. राजस्थान पत्रिका में चीफ रिपोर्टर रहने के दौरान कई ऐसी स्टोरी की, जिन्हें सराहा गया.
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