मंदाकिनी का जलस्तर सामान्य, सफाई में जुटे दुकानदार-सफाईकर्मी: CM मोहन ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, यूपी-एमपी का पुल क्षतिग्रस्त - Chitrakoot News

Published on 30 अग॰ 2026

जितेन्द्र कुमार | चित्रकूट2 घंटे पहले

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चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से शनिवार को रामघाट समेत कई इलाकों में हालात भयावह हो गए थे। नदी का जलस्तर 135 मीटर तक पहुंच गया था, जबकि सामान्य जलस्तर करीब 126 मीटर है। यानी नदी सामान्य स्तर से करीब 9 मीटर ऊपर बह रही थी।

रविवार को जलस्तर सामान्य होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब दुकानदार और नगर पालिका के सफाईकर्मी सफाई अभियान में जुट गए हैं। दुकानों और आसपास के इलाकों में जमा मलबा और गंदगी हटाई जा रही है। MP CM मोहन यादव चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात किए।

मंदाकिनी नदी का पानी यमुना की ओर जाने वाले रास्ते में ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया था। बरेठी, चौरा, कलवारा, पनौटी और कहेटा समेत करीब तीन दर्जन गांवों की बस्तियों में पानी घुस गया था। अचानक बाढ़ आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। हजारों ग्रामीणों ने बाढ़ के खौफ के बीच रात जागकर गुजारी। कई घरों में पानी भर गया, जबकि दर्जनों मकानों के गिरने की भी जानकारी सामने आई है।

तीन दर्जन गांवों में घुसा पानी, ग्रामीणों ने जागकर गुजारी रात

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में रुकने की व्यवस्था की गई। प्रशासन और राहत-बचाव टीमों ने प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया।

एनडीआरएफ की टीम ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान चलाकर करीब 72 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। फंसे हुए लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए स्टीमर और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया गया।

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने भी स्टीमर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों ने लोगों का हाल जाना और प्रभावित परिवारों को लंच पैकेट बांटे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद भी ली गई।

300 मीटर लंबा पुल क्षतिग्रस्त, यूपी-एमपी का आवागमन प्रभावित

बाढ़ के तेज बहाव से मंदाकिनी नदी पर बना करीब 300 मीटर लंबा पुल भी क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं, झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कर्वी-बेड़ी पुलिया मार्ग को जोड़ने वाले पुल की अप्रोच रोड भी नदी के बढ़े जलस्तर के कारण मिट्टी के धंसाव से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई।

सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने इस मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी है। एनएचएआई और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर पुल की तकनीकी जांच और मरम्मत का काम कर रही है। प्रशासन का प्रयास है कि जरूरी मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर आवागमन सामान्य कराया जा सके।

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने आमजन से अपील की है कि सुरक्षा को देखते हुए प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों से आवागमन न करें। साथ ही यातायात पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

देखें, 10 तस्वीरें…

बाढ़ का पानी उतरा, सफाई में जुटे दुकानदार और नगर पालिका कर्मी

रविवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर सामान्य होने के बाद हालात में सुधार हुआ है। पानी उतरने के बाद रामघाट और आसपास के इलाकों में दुकानदार अपनी दुकानों की सफाई में जुट गए हैं। नगर पालिका के सफाईकर्मी भी बाढ़ के बाद जमा मलबे और गंदगी को हटाने में लगे हैं। दुकानों, सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई का काम किया जा रहा है।

सीएम मोहन यादव ने प्रभावितों से की मुलाकात

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी रविवार को चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थलों में रह रहे प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की और अधिकारियों से बाढ़ से हुए नुकसान तथा राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली।

प्रशासन की नदी के जलस्तर पर नजर

फिलहाल मंदाकिनी नदी का जलस्तर सामान्य होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन अभी भी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के मुताबिक यदि नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ता है तो राहत और बचाव दल को तत्काल सक्रिय किया जाएगा। प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों और तटवर्ती गांवों में निगरानी बनाए हुए हैं।

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