मौलाना की धमकी पर राहुल गांधी चुप क्यों! CM धामी ने दागे तीखे सवाल - Doon Horizon

Published on 1 सित॰ 2026

उत्तराखंड में राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे और हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। जानिए पूरे सियासी विवाद की इनसाइड स्टोरी।

दून हॉराइज़न, देहरादून (01 सितंबर): उत्तराखंड का सियासी पारा उस वक्त अचानक चढ़ गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दर्ज हुई एक प्राथमिकी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में सीधी जंग छिड़ गई। एक तरफ कांग्रेस इसे अपनी आवाज दबाने और दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक बता रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने कांग्रेस की सियासत को तुष्टीकरण करार देते हुए तीखे सवाल दागे हैं।

हल्द्वानी मंच विवाद और तुष्टीकरण पर धामी के तीखे सवाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सभा स्थल के तथाकथित शुद्धीकरण से भारतीय जनता पार्टी का कोई भी संबंध होने से साफ इनकार किया। उनका कहना है कि कांग्रेस बिना किसी ठोस प्रमाण के केवल माहौल खराब करने की कोशिश में जुटी है। मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए पूछा कि हल्द्वानी में रामलीला मंच से आपत्तिजनक नारे लगने पर या रुद्रपुर में एक मौलाना की धमकी पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) आखिर खामोश क्यों बैठ जाते हैं?

उन्होंने वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आए मुस्लिम विश्वविद्यालय के मुद्दे और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय सीताराम केसरी के अपमान का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर दलितों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया। धामी ने साफ कहा कि राज्य में युवाओं को पारदर्शी रोजगार मिल रहा है और सेना के शौर्य पर सवाल उठाने वालों को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

कांग्रेस का कड़ा पलटवार, दिल्ली में मौन व्रत रखेंगे हरीश रावत

दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस पूरे मामले को सोची-समझी साजिश बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक हताशा का प्रतीक करार दिया। उत्तराखंड कांग्रेस द्वारा किए जा रहे सचिवालय घेराव के समर्थन में हरीश रावत मंगलवार सुबह 11 बजे देश की राजधानी दिल्ली में श्री गुरु रविदास मंदिर के समक्ष मौन व्रत पर बैठेंगे।

प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा और महासचिव जयराम रमेश ने तीखा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि शुद्धिकरण की सामंती सोच पर सवाल उठाने वालों पर मुकदमे थोपे जा रहे हैं। कांग्रेस ने दो टूक कहा है कि वह इस एफआईआर का जवाब कानूनी और लोकतांत्रिक, दोनों रास्तों से देगी और संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

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