रेवाड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का काफिला करीब दो किलोमीटर तक अंधेरे में गुजरा। अमनगनी से रेजांगला पार्क के बीच गढ़ी बोलनी रोड पर स्ट्रीट लाइटें बंद थीं। इसका वीडियो सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने PWD और नगर परिषद के अधिकारियों से बात की। दोनो
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मामले में DC अभिषेक मीणा से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाई। वहीं, विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर मामला बताया और जल्द समाधान कराने की बात कही।
वहीं जब सिक्योरिटी को लेकर SP हेमेंद्र कुमार मीणा से बात की गई तो उन्होंने कहा, “CM के रूट के दौरान लाइट को लेकर ऐसा कोई नियम नहीं है। सिक्योरिटी लैप्स का हमारे पास कोई मामला सामने नहीं आया।”

रेवाड़ी में रविवार को मैराथन में दौड़ते मुख्यमंत्री नायब सैनी।
अब जानिए क्या है पूरा मामला….
एक दिन पहले रेवाड़ी आ गए थे CM
मुख्यमंत्री नायब सैनी रविवार को रेवाड़ी में मैराथन में शामिल हुए। इससे एक दिन पहले शनिवार रात को ही नायब सैनी रेवाड़ी पहुंच गए थे। रात करीब साढ़े 11 बजे उनका काफिला गढ़ी बोलनी रोड से होते हुए PWD रेस्ट हाउस के लिए रवाना हुआ। अमनगनी से रेजांगला पार्क तक करीब 2 किलोमीर तक स्ट्रीट लाइटें बंद थीं। इस दौरान काफिले की गाड़ियां अंधेरे में गुजरीं। CM के काफिले में शामिल गाड़ियों का अंधेरे में निकलते का वीडियो सामने आया।
PWD एक्सईएन बोले- लाइट हमारे अंडर नहीं
PWD के एक्सईएन सत्येंद्र श्योराण ने कहा कि रोड PWD के अधीन है, लेकिन स्ट्रीट लाइट उनके अधीन नहीं आती। यह नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र का मामला है। इस बारे में नगर परिषद के अधिकारी बेहतर बता सकते हैं।
नगर परिषद ने भी जिम्मेदारी नहीं ली
नगर परिषद के एक्सईएन अंकित वशिष्ट ने कहा कि रेजांगला पार्क तक का एरिया नगर परिषद के अधीन आता है। इसके आगे नगर परिषद की हद खत्म हो जाती है। लाइटें अगर PWD ने हैंडओवर की हैं तो यह पंचायत के अधीन होंगी, वरना जिम्मेदारी PWD की होगी। यह लाइटें पंचायत या PWD में से किसके अधीन हैं, संबंधित अधिकारी ही बेहतर बता सकते हैं।

गढ़ी बोलनी रोड पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट।
विधायक बोले- सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के काफिले को अंधेरे से गुजारना सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं था। यह पुरानी समस्या है और नगर परिषद सीमा से बाहर होने के कारण वहां काम नहीं कर सकती। PWD ने लाइटें तो लगा दीं, लेकिन उनका बिजली बिल न तो पंचायतें भर रही हैं और न ही PWD। यह इलाका ढालियावास, पैदयावास और लालपुर गांव की सीमा में आता है। सीमा को लेकर भ्रम की स्थिति के कारण पंचायतें बिजली बिल का भुगतान नहीं करतीं।

बैठक में भी उठा लाइटों का मुद्दा
अमनगनी में व्यापारियों के साथ हुई बैठक में भी मुख्यमंत्री के सामने गढ़ी बोलनी रोड पर बनी सोसायटियों को नगर परिषद के अधीन लाने की मांग रखी गई। व्यापारियों ने कसौला चौक तक का एरिया नगर परिषद के अधीन करने, आरआरटीएस परियोजना जल्द शुरू करवाने और पटौदी रोड का निर्माण जल्द पूरा करवाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।