मुलायम सिंह यादव का सपना था सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान, भाजपा ने पूरा किया: CM योगी

Published on 27 जुल॰ 2026

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैफई मेडिकल संस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद अखिलेश यादव उसे आगे नहीं बढ़ा सके. भाजपा सरकार ने 490 करोड़ रुपए की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक  पूरा कराया, जबकि 232 करोड़ रुपए की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक भी बनवाया, जिससे संस्थान तेजी से विकसित हो रहा है. 

लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए

सीएम योगी ने रविवार को इटावा, जसवंतनगर एवं भरथना विधानसभा क्षेत्र में 604 करोड रुपए की 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए.

इटावा की पहचान बदलने का काम किया

सपा पर तीखा हमला करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास कार्य पहले भी हो सकते थे, लेकिन उसके लिए इच्छाशक्ति और समय चाहिए था. बबुआ तो दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे, 5 बजे जिम चले जाते थे और 7 बजे महफिल जम जाती थी. जनता और विकास के लिए समय कहां था? यही कारण था कि प्रदेश और इटावा लंबे समय तक पहचान के संकट से जूझते रहे. पहले इटावा के युवाओं के सामने पहचान का संकट था, लेकिन अब प्रदेश और देश में उन्हें वही सम्मान मिलता है जो उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को प्राप्त होता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने इटावा की पहचान बदलने का काम किया है.

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले इटावा सहित पूरे प्रदेश में अपराध, भय और अराजकता का माहौल था. लोग इस क्षेत्र से गुजरने तक से डरते थे. उस समय प्रदेश में निवेश नहीं आता था क्योंकि लोग अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित रहते थे. भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई और संगठित अपराध तथा माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई.

नागरिकों के सामने पहचान का संकट

भाजपा ने जो कहा, उसे करके दिखाया. पहले प्रदेश के हर जिले में माफिया सक्रिय थे और उत्तर प्रदेश की पहचान दंगा, कर्फ्यू, अराजकता और संगठित अपराध से जुड़ गई थी. इससे युवाओं, किसानों, कारीगरों और आम नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था. अब वही प्रदेश बदल चुका है. उत्तर प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया नहीं बल्कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट- वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट- वन क्यूजीन की पहचान बनी है. आज उत्तर प्रदेश में न दंगा है, न कर्फ्यू, न उपद्रव और न ही संगठित अपराध का बोलबाला है.

अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेताओं ने जमीन पर काम करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति ने पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया. उनके अनुसार नौकरी से लेकर विकास योजनाओं तक पर एक सिंडिकेट का कब्जा हो गया था, जिससे युवाओं, किसानों और श्रमिकों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया. इसी कारण उत्तर प्रदेश को लंबे समय तक बीमारू राज्य कहा जाता रहा. आज उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है.

कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई

उन्होंने कहा कि पहले विकास के लिए धन तो उपलब्ध था, लेकिन भ्रष्टाचार और बिचौलियों के कारण सड़क, पुल, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य विकास परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाती थीं. गरीबों के राशन और सरकारी योजनाओं का लाभ भी बीच में ही हड़प लिया जाता था. अब सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है. गरीबों को मुफ्त राशन मिल रहा है और आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. हाल ही में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी पांच लाख रुपए तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है.

स्रोत: आईएएनएस