By Oneindia Staff
Published: Thursday, August 6, 2026, 18:14 [IST]
दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार (06 अगस्त) को पितमपुरा स्थित सर्वोदय विद्यालय में नए STEM Innovation Lab का उद्घाटन किया।
यह लैब छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि विज्ञान और तकनीक को प्रयोग के जरिए समझने का मौका देगी। सरकार का कहना है कि इस तरह की पहल से सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी वही सुविधाएं मिलेंगी, जो अब तक चुनिंदा निजी संस्थानों में उपलब्ध थीं।
STEM लैब में क्या खास होगा?
नई STEM Innovation Lab को आधुनिक उपकरणों और डिजिटल लर्निंग टूल्स से तैयार किया गया है। यहां छात्र Science, Technology, Engineering और Mathematics (STEM) से जुड़े विषयों को प्रयोग करके सीखेंगे।
इसका मकसद रटने वाली पढ़ाई से आगे बढ़कर बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नई चीजें बनाने की क्षमता और समस्या सुलझाने का नजरिया विकसित करना है। अब छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं पढ़ाई जाएगी, बल्कि वे मॉडल तैयार करेंगे, प्रयोग करेंगे और नई तकनीकों के साथ काम करना भी सीखेंगे।
CM रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार चाहती है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला हर बच्चा बड़े सपने देख सके और उन्हें पूरा करने के लिए आधुनिक सुविधाएं भी मिले।
उन्होंने कहा, "हमारी कोशिश है कि सरकारी स्कूलों का हर छात्र ऐसी आधुनिक शिक्षा पाए, जहां उसकी रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक नजरिया और इनोवेशन की क्षमता को बढ़ावा मिले। आने वाले समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए बच्चों को आज से तैयार करना जरूरी है।" उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार सरकारी स्कूलों में विश्वस्तरीय शिक्षा ढांचा तैयार करने पर लगातार काम कर रही है।
शिखर धवन फाउंडेशन की बड़ी भूमिका
इस STEM Innovation Lab की स्थापना भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन, उनकी संस्था Shikhar Dhawan Foundation, फाउंडेशन की प्रमुख सोफी धवन और HMD Global के CEO एवं South Asia Head रवि कुंवर के सहयोग से हुई है।
सीएम रेखा गुप्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक लैब नहीं, बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य में किया गया निवेश है। उन्होंने इसे सरकार और समाज की साझेदारी का अच्छा उदाहरण बताया।
PPP मॉडल से बदलेगी सरकारी शिक्षा
रेखा गुप्ता ने कहा कि शिक्षा में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) की भूमिका लगातार बढ़ रही है। सरकार और निजी संस्थाओं के साथ आने से सरकारी स्कूलों में भी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीक उपलब्ध कराई जा सकती है। उनका मानना है कि समाज की भागीदारी से सरकारी शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी और छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि STEM आधारित पढ़ाई से बच्चों में लॉजिकल तरीके से सोचने की क्षमता, समस्याओं के समाधान के नए तरीके और क्रिएटिविटी जैसी क्षमताएं विकसित होती हैं। यही कौशल आने वाले समय की नौकरियों और नई तकनीकों की दुनिया में सबसे ज्यादा काम आएंगे। दिल्ली सरकार का मानना है कि ऐसे इनोवेशन लैब भविष्य में छात्रों को डिजिटल तकनीक, रिसर्च और नई खोजों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।