मणिपुर में फिर भड़की हिंसा! भीड़ ने फूंक दिए कई घर, एक CRPF जवान को लगी गोली

Published on 24 अग॰ 2026

Aug 24, 2026 04:55 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

Follow us on Google News

share

तनाव को देखते हुए नगा जनजातीय संगठनों ने नेशनल हाईवे- 2 इंफाल-दिमापुर को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, जिससे मणिपुर और नागालैंड के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।

मणिपुर के सेनापति और उससे सटे कांगपोकपी जिले के सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर हिंसा और गोलीबारी की गंभीर घटना सामने आई है। इस दौरान कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया और तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों की ओर से हुई गोलीबारी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक जवान घायल हो गया है।

तनाव को देखते हुए नगा जनजातीय संगठनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 2 (NH-2, इंफाल-दिमापुर) को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, जिससे मणिपुर और नागालैंड के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।

कब और कैसे शुरू हुई हिंसा?

हिंसा की शुरुआत तड़के लगभग 2:40 बजे ताफू कुकी इलाके से हुई।

ताफू कुकी इलाके में तड़के एक घर को आग लगा दी गई। दमकल की गाड़ियां तड़के 3:30 बजे मौके पर पहुंचीं, लेकिन स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार कुछ लोगों ने फायर ब्रिगेड की टीम को काम करने से रोकने की कोशिश की।

सुबह 4 बजे के बाद 9MR और मरैमई के आसपास के इलाकों में नगा समुदाय के लोगों के घरों को निशाना बनाने की खबर आई। पोमई नगा समुदाय के लाई गांव और फूबा गांव के निवासियों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई।

सुबह करीब 9:20 बजे जब मीडियाकर्मी जले और क्षतिग्रस्त हुए मकानों की कवरेज कर रहे थे, तभी इलाके में अचानक तेज गोलीबारी शुरू हो गई।

CRPF जवान को लगी गोली

हिंसा और गोलीबारी के दौरान 36वीं बटालियन के 54 साल का CRPF जवान घायल हो गए। घायल जवान को तुरंत सेनापति के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

अस्पताल में भर्ती जवान ने बताया कि गोली किस दिशा से आई, यह कहना मुश्किल है क्योंकि दोनों तरफ से लगातार गोलियां चलाई जा रही थीं।

विलेज अथॉरिटी की चेतावनी और मांगें

घटना के बाद ताफू कुकी विलेज अथॉरिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर घर में की गई आगजनी और तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की है। संस्था ने इसे "अमानवीय और अस्वीकार्य" करार दिया।

विलेज अथॉरिटी ने आगजनी में शामिल लोगों को 24 घंटे के भीतर जिम्मेदारी स्वीकार करने और 'कुकी कस्टमरी लॉ' (कुकी पारंपरिक कानून) के तहत मामले को सुलझाने की चेतावनी दी है।

जिला प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। अथॉरिटी ने कहा कि दी गई सीमा के बाद होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगी।

NH-2 ब्लॉक, सुरक्षा बल तैनात

हिंसा की खबर फैलते ही नगा जनजातीय समूहों के सदस्यों ने विरोध दर्ज कराते हुए NH-2 को जगह-जगह जाम कर दिया है, जिससे मालवाहक और यात्री वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सेनापति और कांगपोकपी के सीमावर्ती ताफू इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों और पुलिस की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल पूरे इलाके में भारी तनाव बना हुआ है और पुलिस नुकसान का आकलन करने में जुटी है।