CSJMU के AI मंथन 2.0 में पहुंचीं राज्यपाल: स्टार्टअप के फाउंडर से पूछी खूबियां, देशभर के विशेषज्ञ जुटे - Kanpur News

Published on 12 सित॰ 2026
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कानपुर46 मिनट पहले

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कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में 12 और 13 सितंबर को एआई मंथन 2.0 शुरू हो गया है। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पहुंचीं हैं। उन्होंने ऑडिटोरियम में लगे AI स्टॉलों का निरीक्षण किया। साथ ही स्टार्टअप के फाउंडरों से खूबिया के बारे में जाना।

दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञ जुटे हैं। इस दौरान शिक्षण और शोध संस्थानों के साथ उद्योग और प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल हो रहे हैं। शिक्षा, रिसर्च, स्वास्थ्य, कृषि, रोबोटिक्स, शहरी विकास और शासन में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। दूसरे राज्यों के कुलपति भी इसमें शामिल होंगे।

एआई के भविष्य और शिक्षा में बदलाव पर चर्चा

कार्यक्रम में डॉ. सुधीर एम. बोबडे विजन एड्रेस देंगे। वे एआई के भविष्य और इसके व्यापक प्रभावों पर बात करेंगे। आईआईटी कानपुर के निदेशक डॉ. मनिंद्र अग्रवाल ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: हिस्ट्री एंड फ्यूचर’ विषय पर एआई के विकास और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

आईआईटी खड़गपुर के प्रो. पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन, रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट’ विषय पर विचार रखेंगे। आईएएस अधिकारी अमृत त्रिपाठी ‘लर्निंग एंड स्किलिंग इन द एज ऑफ एआई’ विषय पर छात्रों के लिए जरूरी नए कौशल और बदलती शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करेंगे।

प्रो. अमय करकरे ‘स्केलिंग एजुकेशन विद एआई’ विषय पर शिक्षा में बड़े स्तर पर एआई के इस्तेमाल की संभावनाएं बताएंगे। प्रो. सी. पाटवर्धन ‘हायर एजुकेशन इन एआई एरा: व्हाट चेंज्ड एंड व्हाट मस्ट चेंज’ विषय पर उच्च शिक्षा में आए बदलावों और आगे जरूरी परिवर्तनों पर चर्चा करेंगे।

यूपी को एआई-सक्षम बनाने पर होगा मंथन

उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग से जुड़े आईएएस अधिकारी आलोक कुमार ‘मेकिंग उत्तर प्रदेश एआई इनेबल्ड’ विषय पर विचार रखेंगे। इसमें सार्वजनिक सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं और विकास कार्यों को बेहतर बनाने की संभावनाएं भी सामने रखी जाएंगी।

विकसित भारत में विश्वविद्यालयों की भूमिका

13 सितंबर को बिट्स पिलानी के कुलपति प्रो. वी. रामगोपाल राव ‘यूनिवर्सिटीज फॉर विकसित भारत: रीइमेजिनिंग हायर एजुकेशन इन द एज ऑफ एआई’ विषय पर मुख्य भाषण देंगे। इसमें उच्च शिक्षा को एआई के दौर के अनुरूप तैयार करने पर चर्चा होगी। रिसर्च, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर भी जोर रहेगा।

गूगल के सौरभ राजपाल ‘मॉडर्नाइजिंग हायर एजुकेशन फॉर इम्पैक्ट, स्केल एंड एम्प्लॉयबिलिटी’ विषय पर बात करेंगे। वे तकनीक और डिजिटल बदलाव के जरिए उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने और छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उपाय बताएंगे। आयुष माहेश्वरी ‘एक्सेलरेटिंग रिसर्च, इनोवेशन एंड टैलेंट एट स्केल’ विषय पर रिसर्च, इनोवेशन और प्रतिभाओं को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने में एआई की भूमिका पर चर्चा करेंगे।

रिसर्च से रोबोट तक पहुंचेगा एआई

आईआईटी मंडी के डॉ. अमित शुक्ला ‘फ्रॉम रिसर्च पेपर्स टू रोबोट्स इन द फील्ड: बिल्डिंग इंडियाज फिजिकल एआई इकोसिस्टम’ विषय पर चर्चा करेंगे। इसमें रिसर्च को वास्तविक दुनिया में काम आने वाली तकनीक में बदलने पर जोर होगा। ड्रोन, कंप्यूटर विजन, स्वायत्त प्रणालियों और रोबोटिक्स के जरिए भारत में फिजिकल एआई का इकोसिस्टम विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का इस्तेमाल

एम्स नई दिल्ली की प्रो. कृतिका रंगराजन ‘एआई इन ब्रेस्ट कैंसर’ विषय पर चर्चा करेंगी। इसमें स्तन कैंसर की पहचान, विश्लेषण और प्रबंधन में एआई आधारित तकनीक के इस्तेमाल पर बात होगी। राजीव गांधी कैंसर संस्थान, नई दिल्ली के डॉ. वसंत वेणुगोपाल रेडियोलॉजी में एआई के इस्तेमाल के अनुभव साझा करेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य में एआई की भूमिका पर भी चर्चा होगी।

कृषि में स्मार्ट तकनीक पर जोर

आईआईटी रोपड़ के डॉ. मुकेश सैनी ‘फाउंडेशनल मॉडलिंग फॉर क्रॉप डेटा एनालिसिस’ विषय पर कृषि डेटा के विश्लेषण में एआई आधारित मॉडलिंग की संभावनाएं बताएंगे। डॉ. अनिल राय ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर डिजिटल एंड क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर: पर्सपेक्टिव एंड चैलेंजेज’ विषय पर डिजिटल और जलवायु-स्मार्ट कृषि में एआई की भूमिका और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।

स्मार्ट शहर और पर्यावरण में एआई

प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी ‘सस्टेनेबल इज स्मार्ट: रीथिंकिंग अर्बन इंटेलिजेंस’ विषय पर विचार रखेंगे। शहरी नियोजन, पर्यावरणीय निगरानी और टिकाऊ विकास में एआई के इस्तेमाल की संभावनाएं सामने रखी जाएंगी।

एआई आधारित प्रोटोटाइप भी दिखाए जाएंगे

एआई मंथन 2.0 में एआई के व्यावहारिक इस्तेमाल का प्रदर्शन भी होगा। आदर्श पाठक एआई आधारित छात्र शैक्षणिक रिकॉर्ड सत्यापन प्रणाली पर प्रस्तुति देंगे। निशांत कपूर ‘एआई-पावर्ड इवैल्यूएशन प्लेटफॉर्म’ के जरिए मूल्यांकन प्रक्रिया में एआई के इस्तेमाल की संभावनाएं बताएंगे। निकुंज गजेरा ‘टर्निंग यूनिवर्सिटी प्रोसेस इनटू एआई-पावर्ड एक्शन’ विषय पर विश्वविद्यालयी प्रक्रियाओं को एआई आधारित बनाने के उपाय बताएंगे।

सीएसजेएमयू में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रदर्शन

कार्यक्रम में सीएसजेएमयू में एआई के व्यावहारिक इस्तेमाल और तकनीकी क्षमताओं को भी दिखाया जाएगा। विनायक पाठक ‘डेमोक्रेटाइजिंग एआई फॉर एजुकेशन एंड हेल्थकेयर: इनसाइड इंडियाज फर्स्ट एकेडमिक एनवीडिया एच200 डिप्लॉयमेंट एट सीएसजेएमयू कानपुर’ विषय पर प्रस्तुति देंगे। इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्च क्षमता वाली एआई तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाएं बताई जाएंगी। विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और इसके उपयोग पर भी जानकारी दी जाएगी।

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