जबलपुर: मिलावटखोर घर में बना रहा था नकली DAP, कृषि विभाग में छापा मारकर जब्त की 22 बोरी नकली खाद| Navbharat Live

Published on 14 जुल॰ 2026

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सार

Fake DAP Fertilizer: जबलपुर के गाड़ाघाट में नकली डीएपी खाद बनाने के कारखाने का पर्दाफाश, नामी ब्रांड की आड़ में किसानों को ठगने वाले आरोपी प्रकाश बर्मन पर केस दर्ज।

Authorities intensify crackdown on counterfeit fertilizers to protect farmers from substandard agricultural inputs

जबलपुर में नकली डीएपी रैकेट का पर्दाफाश (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Fake DAP Fertilizer Seize Jabalpur: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में किसानों के साथ धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। पाटन थाना क्षेत्र के ग्राम गाड़ाघाट में कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली डीएपी खाद बनाने के एक कथित कारखाने का भंडाफोड़ किया गया।

छापेमारी के दौरान एक मकान से 22 बोरी संदिग्ध नकली डीएपी खाद बरामद की गई, जिसे कथित तौर पर एक नामी कंपनी की बोरियों में पैक कर असली खाद बताकर किसानों को बेचा जा रहा था।

किसानों की शिकायत के बाद हुई संयुक्त छापेमारी

जानकारी के अनुसार, कुछ किसानों को खरीदी गई डीएपी खाद की गुणवत्ता पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने कृषि विभाग से शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद कृषि विभाग की टीम और पाटन पुलिस ने जबलपुर जिले के ग्राम गाड़ाघाट निवासी प्रकाश बर्मन के घर पर संयुक्त छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से 22 बोरी संदिग्ध नकली डीएपी खाद बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन बोरियों को ब्रांडेड कंपनी की पैकेजिंग में भरकर बाजार में असली उर्वरक के रूप में बेचने की तैयारी की जा रही थी।

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फसलों और किसानों दोनों को हो सकता था बड़ा नुकसान

अधिकारियों का कहना है कि यदि यह नकली खाद बाजार में पहुंच जाती, तो किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उनकी फसलों की उत्पादकता पर भी गंभीर असर पड़ सकता था। नकली उर्वरक के इस्तेमाल से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होने की आशंका रहती है। जब्त किए गए उर्वरक के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसमें कौन-कौन से तत्व मिले हुए हैं और वह वास्तव में डीएपी के मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।

आरोपी पर केस दर्ज, पूरे नेटवर्क की जांच शुरू

पाटन पुलिस ने आरोपी प्रकाश बर्मन के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली डीएपी तैयार करने और उसकी सप्लाई में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

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साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह अवैध कारोबार कब से संचालित हो रहा था और अब तक कितने किसानों को यह नकली खाद बेची जा चुकी है। फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रहे हैं।

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