मुरैना में नकली DAP खाद बनाने की फैक्ट्री पकड़ी: कंकड़ मिट्टी- राख से बना रहे थे DAP, 500 से ज्यादा बोरियां जब्त - Morena News

Published on 14 अक्टू॰ 2026

मुरैना में नकली DAP खाद बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। पुलिस ने खंडहरनुमा इमारत में संचालित फैक्ट्री पर छापा मारकर नकली खाद की 500 से ज्यादा बोरियां बरामद की हैं।

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मौके पर कंकड़-मिट्टी और काली राख मिलाकर खाद तैयार की जा रही थी। इसके बाद मिश्रण को सरकारी DAP खाद की बोरियों में भरकर पैक किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद कृषि विभाग ने खाद जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

खंडहर के दो कमरों में चल रही थी फैक्ट्री

नकली खाद बनाने का काम खंडहरनुमा इमारत के दो कमरों में चल रहा था। पुलिस की रेड के दौरान मौके पर करीब आधा दर्जन मजदूर खाद की बोरियां भरने और उनकी पैकिंग करने में लगे मिले।

बताया जा रहा है कि फैक्ट्री संचालक मजदूरों को मंडी से 800-800 रुपए प्रतिदिन की दिहाड़ी पर काम करने के लिए लेकर आया था।

मुरैना में नकली DAP खाद बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा हुआ है।

मुरैना में नकली DAP खाद बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा हुआ है।

पुलिस ने खंडहरनुमा इमारत में संचालित फैक्ट्री पर छापा मारकर नकली खाद की 500 से ज्यादा बोरियां बरामद की हैं।

पुलिस ने खंडहरनुमा इमारत में संचालित फैक्ट्री पर छापा मारकर नकली खाद की 500 से ज्यादा बोरियां बरामद की हैं।

मिट्टी और काली राख मिलाकर बना रहे थे खाद

मौके पर कंकड़-मिट्टी में काली राख मिलाकर नकली DAP तैयार की जा रही थी। इसके बाद इस मिश्रण को सरकारी DAP खाद की बोरियों में भरकर पैक किया जा रहा था।

आशंका है कि इन बोरियों को असली खाद बताकर बाजार में बेचा जाना था। हालांकि, खाद की सप्लाई कहां की जा रही थी और अब तक कितनी बोरियां बाजार में पहुंचीं, इसकी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।

कृषि विभाग ने 500 से ज्यादा बोरियां जब्त कीं

पुलिस की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर कृषि विभाग के सहायक संचालक अनंत बिहारी सढ़ैया मौके पर पहुंचे। उन्होंने बरामद खाद को जब्त कर सुरक्षा के लिए थाने भिजवाया। विभाग की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

फैक्ट्री संचालक और सप्लाई नेटवर्क की जांच

स्टेशन रोड थाना प्रभारी डीआईए दर्शन शुक्ला के अनुसार पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और नकली खाद तैयार करने के लिए सरकारी DAP की बोरियां कहां से लाई जा रही थीं।

इसके अलावा खाद की सप्लाई किन क्षेत्रों में की जानी थी और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।

नकली खाद की बिक्री से किसानों को आर्थिक नुकसान होने के साथ उनकी फसलों पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।