Digital Payment तो बढ़ा, लेकिन Credit Card पिछड़ा! अगस्त में खर्च घटकर ₹2 लाख करोड़

Published on 25 सित॰ 2026

Digital Payment India: जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसमें क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी घट रही है। अगस्त 2026 में क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च में गिरावट दर्ज की गई है।

Digital Transactions India: भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसी बीच क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। जेफरीज की अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में रिटेल डिजिटल खर्च तो बढ़ा है, लेकिन इस खर्च में क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी घटकर 4.5 प्रतिशत रह गई।

44.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा रिटेल डिजिटल खर्च

रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में NEFT को छोड़कर भारत का रिटेल डिजिटल खर्च सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 44.8 ट्रिलियन रुपये यानी करीब 44.8 लाख करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, इस बढ़ते डिजिटल खर्च में क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी लगातार कम हुई है।

अगस्त में क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी सालाना आधार पर 50 बेसिस पॉइंट और जुलाई के मुकाबले 20 बेसिस पॉइंट घट गई। इससे संकेत मिलता है कि डिजिटल पेमेंट के विस्तार का फायदा क्रेडिट कार्ड खर्च को उसी अनुपात में नहीं मिल रहा है।

क्रेडिट कार्ड खर्च की ग्रोथ हुई धीमी

अगस्त में इंडस्ट्री का क्रेडिट कार्ड खर्च सालाना आधार पर 5.5 प्रतिशत बढ़ा। जुलाई में यह वृद्धि 7.1 प्रतिशत थी। यानी एक महीने के भीतर खर्च की सालाना वृद्धि दर में कमी आई है। महीने-दर-महीने आधार पर भी क्रेडिट कार्ड खर्च में 2.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 2.0 ट्रिलियन रुपये रह गया। ऐसे में कार्ड की संख्या बढ़ने के बावजूद प्रति कार्ड खर्च में कमजोरी देखने को मिल रही है।

कार्ड बढ़े, लेकिन खर्च की रफ्तार घटी

देश में क्रेडिट कार्ड का आधार लगातार बढ़ रहा है। अगस्त 2026 में कुल कार्ड्स-इन-फोर्स की संख्या सालाना आधार पर 9.5 प्रतिशत बढ़कर 122.7 मिलियन यानी करीब 12.27 करोड़ हो गई। यानी बाजार में क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उनके जरिए होने वाले खर्च की रफ्तार उतनी मजबूत नहीं है। यह आंकड़ा क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल के बदलते पैटर्न की ओर इशारा करता है।

ऑनलाइन खर्च में भी आई गिरावट

जेफरीज ने क्रेडिट कार्ड से होने वाले ऑनलाइन खर्च में आए बदलाव को भी रेखांकित किया है। अगस्त में इंडस्ट्री के कुल क्रेडिट कार्ड खर्च में ऑनलाइन हिस्सेदारी महीने-दर-महीने 300 बेसिस पॉइंट घटकर 61 प्रतिशत रह गई। SBI Cards के मामले में गिरावट और ज्यादा रही। कंपनी के ऑनलाइन खर्च का हिस्सा 700 बेसिस पॉइंट कम होकर 60 प्रतिशत रह गया।

SBI Cards की खर्च वृद्धि 22% से घटकर 7%

SBI Cards के लिए अगस्त का प्रदर्शन भी दबाव वाला रहा। कंपनी की क्रेडिट कार्ड स्पेंडिंग ग्रोथ सालाना आधार पर घटकर 7 प्रतिशत रह गई, जबकि जुलाई में यह 22 प्रतिशत थी। इंडस्ट्री के कुल क्रेडिट कार्ड खर्च में SBI Cards की हिस्सेदारी भी 19 प्रतिशत से घटकर 17.5 प्रतिशत हो गई। जेफरीज के मुताबिक, इसके पीछे कॉरपोरेट खर्च में आई कमी एक वजह हो सकती है। कंपनी का ऑनलाइन खर्च भी सालाना आधार पर 1.5 प्रतिशत घटा।

नए कार्ड जोड़ने में SBI Cards आगे

खर्च में कमजोरी के बावजूद SBI Cards ने नए ग्राहकों को जोड़ना जारी रखा। अगस्त में कंपनी के कार्ड्स-इन-फोर्स की ग्रोथ सालाना आधार पर बढ़कर 7.6 प्रतिशत हो गई। कंपनी ने अगस्त में करीब 0.19 मिलियन यानी 1.9 लाख नए कार्ड जारी किए। इंडस्ट्री में जारी किए गए कुल नए कार्ड्स में SBI Cards की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत रही।

प्रति कार्ड खर्च भी हुआ कम

SBI Cards के प्रति कार्ड औसत खर्च में भी गिरावट दर्ज की गई। अगस्त में यह घटकर करीब 15.4 हजार रुपये रह गया, जबकि जुलाई में प्रति कार्ड खर्च 17.4 हजार रुपये था। यह आंकड़ा इंडस्ट्री के औसत 16.4 हजार रुपये से भी नीचे रहा। इससे पता चलता है कि कार्ड की संख्या बढ़ने के बावजूद हर कार्ड से होने वाला औसत खर्च कमजोर हुआ है।

डिजिटल पेमेंट बढ़ने के बीच बदल रहा है पेमेंट पैटर्न

अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि भारत में डिजिटल पेमेंट का कुल दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इस बढ़त में क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी कम हो रही है। दूसरी ओर, कार्ड्स-इन-फोर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है।

यानी भारतीय भुगतान बाजार में एक तरफ डिजिटल लेनदेन का विस्तार जारी है, तो दूसरी तरफ क्रेडिट कार्ड से खर्च करने के तरीके में बदलाव दिखाई दे रहा है। आने वाले महीनों में खर्च और कार्ड उपयोग के आंकड़े यह समझने में मदद करेंगे कि यह बदलाव अस्थायी है या उपभोक्ताओं की भुगतान आदतों में कोई बड़ा परिवर्तन हो रहा है।