स्वायत्त शासन विभाग ने नगर निगम अजमेर के पूर्व महापौर को 13 फाइलों के मामले में दोषी करार देते हुए छह साल के लिए नगर निकाय चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है।
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निदेशक एवं विशिष्ठ सचिव जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर की ओर से जारी आदेश में बताया- धर्मेन्द्र गहलोत के खिलाफ नियम विरूद्ध तरीके से व्यवसायिक निर्माण स्वीकृति जारी करने के संबंध में शिकायत मिली। अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजमेर की अध्यक्षता में गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर धर्मेन्द्र गहलोत को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर राजरथान नगर पालिका अधिनियम-2009 की धारा 39(3) के अंतर्गत प्रकरण की न्यायिक जांच करवाई गई।
न्यायिक जांच अधिकारी विधि विभाग शासन सचिवालय जयपुर की ओर से आरोप प्रमाणित होना पाया गया। राजस्थान नगर पालिका अधिनियम-2009 की धारा 39 (1) के तहत् सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया। गहलोत द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया। विभाग को प्राप्त स्पष्टीकरण नोटिस के जवाब, जांच रिपोर्ट एव न्यायिक जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पद का दुरुपयोग किया जाना पूर्णतया प्रमाणित होना पाया गया।

जानिए 13 प्रकरण कौन-कौन से थे…
- आशा देवी पत्नी महेंद्र जादम, डिग्गी चौक
- नारायण दास पुत्र बिशनदास, लोहागल रोड
- उमराव कंवर पत्नी दिवंगत माणकचंद जैन, सोनीजी की नसियां के सामने
- अनूप कुवेरा पुत्र रामेश्वर दयाल, सेंट्रल बैंक के पास, पुरानी मंडी
- ललित गुप्ता, नई बस्ती, रामगंज
- रमेश हेमवानी पुत्र अनिलचंद, डाकी का कुआं, ब्लू कैसल क्षेत्र
- मयंक खंडेलवाल, चटाई मोहल्ला गली, केसरगंज
- ईश्वरी देवी पत्नी विजय कुमार, केसरगंज
- पूनम पत्नी विजय कुमार, केसरगंज
- भगवान सिंह चौहान, नया बाड़ा, पुलिस लाइन
- ओमप्रकाश माहेश्वरी, नई बस्ती, रामगंज
- नंदलाल बालचंदानी व अन्य, धानमंडी, कुम्हार मोहल्ला
- सुनील सेठी पुत्र प्रकाशचंद, गोधों की नसिया के सामने, महावीर सर्किल।
जांच रिपोर्ट के तथ्य
- सेटबैक और व्यावसायिक गतिविधि संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं हुआ।
- 5 मीटर से अधिक ऊंचाई की अनुमति का लाभ दिया गया।
- गैर-योजना क्षेत्र के नियमों के साथ योजनागत क्षेत्र के लाभ का इस्तेमाल किया गया।
- अनुज्ञेय बेसमेंट के अलावा अन्य फ्लोर पर भी कॉमर्शियल गतिविधि की अनुमति दी गई।
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