पोस्टल असिस्टेंट के पति के शव पर सस्पेंस बरकरार: इंदौर पुलिस को DNA रिपोर्ट का इंतजार, एक्सपर्ट बोले- बिना सिर मौत की गुत्थी सुलझना मुश्किल - Indore News
Published on 20 जुल॰ 2026
इंदौर/गंजबासौदा1 घंटे पहले
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सिरकटे शव की पैंट की जेब से अखिलेश के दस्तावेज और सुसाइड नोट बरामद हुए हैं।
इंदौर में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी (38) की हत्या के आरोपी पति अखिलेश सैनी (45) के शव को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर शव के साथ मिले आधार कार्ड और सुसाइड नोट के आधार पर पिता सीताराम सैनी और भाई चित्रेश सैनी ने इसके अखिलेश होने की पहचान की है।
वहीं, पुलिस वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर ही इसकी पुष्टि करने की बात कह रही है। उसे DNA जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। ये रिपोर्ट आने में करीब 10 दिन लग सकते हैं।
दरअसल, 11 जुलाई को उर्मिला की हत्या के बाद से ही अखिलेश गायब था। शनिवार रात एक सिरकटा शव गंजबासौदा-पवई रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर मिला था। पैंट की जेब से अखिलेश के दस्तावेज और सुसाइड नोट बरामद हुए हैं।
फोरेंसिक विशेषज्ञ बोले- सिर मिलना भी जरूरी
इंदौर में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग अध्यक्ष डॉ. बीके सिंह ने कहा- DNA रिपोर्ट से यह तो स्पष्ट हो जाएगा कि शव किस व्यक्ति का है लेकिन मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए शव के सभी महत्वपूर्ण अंगों का परीक्षण आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सिर नहीं मिलने की स्थिति में मरने या मारने के तरीके का पता लगाना मुश्किल होगा। ऐसे मामलों में सिर पर मौजूद चोटें, घाव, निशान, खून और अन्य बिंदु फोरेंसिक जांच का अहम हिस्सा होते हैं।
नाभि में सूजन और सफेद दाग से पहचाना
सोमवार सुबह पुलिस ने अखिलेश के पिता सीताराम सैनी को बुलाया, जिन्होंने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की। सीताराम कृषि विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि अखिलेश की नाभि में पिछले तीन महीने से बीमारी के कारण सूजन थी, जिससे वह बाहर आ गई थी। शरीर पर सफेद दाग भी थे, इनके आधार पर ही उन्होंने अपने बेटे की पहचान की।
पोस्टमार्टम के बाद शव उनको सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार भोपाल के टीला जमालपुरा में किया जाएगा।
शव के पास मिले तीन सुसाइड नोट
सूत्रों के अनुसार, शव के पास से तीन सुसाइड नोट मिले हैं। पहला सुसाइड नोट सीताराम सैनी के नाम लिखा गया था, जिसमें बच्चों का ध्यान रखने और अपनी चिता को बेटे से मुखाग्नि दिलवाने की बात थी। दूसरा सुसाइड नोट अव्यक्त उर्फ प्रायु के नाम था, जिसमें उसे दादा-दादी के साथ रहने को कहा गया था।
तीसरा सुसाइड नोट पुलिस के नाम लिखा गया था। इसमें अखिलेश और उर्मिला के बीच चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
बेटी ने पहचानने से किया इनकार
अखिलेश की 15 वर्षीय बेटी प्रेक्षा ने केवल धड़ देखकर शव को अपने पिता का मानने से इनकार कर दिया। पुलिस ने उसे आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जानकारी दी, लेकिन उसने कहा कि सिर नहीं होने की स्थिति में वह शिनाख्त नहीं कर सकती।
प्रेक्षा अपनी मां उर्मिला की हत्या के बाद लगातार आरोपी पिता की गिरफ्तारी की मांग करती रही थी। उसने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे थे। कहा था कि पिता को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
अखिलेश-उर्मिला का 7 वर्षीय बेटा अव्यक्त उर्फ प्रायु फिलहाल अपने नाना-नानी के साथ खंडवा में रह रहा है। परिवार ने उसे अभी तक पिता के शव मिलने की जानकारी नहीं दी है। परिजन के मुताबिक, वह अब भी मां उर्मिला की हत्या के सदमे से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। अक्सर उस घटना को याद कर डर जाता है।
स्कूल से बच्चे घर पहुंचे तो मां उर्मिला का शव देखा। इसके बाद नाना को फोन कर बताया।
बेटे से मुखाग्नि दिलाने की इच्छा जताई
शव की जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि चिता को मुखाग्नि प्रायु ही दे, तभी अखिलेश की आत्मा को शांति मिलेगी। नोट में पूरे घटनाक्रम के लिए सिवनी मालवा निवासी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया गया है।
पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में किए गए सभी दावों की जांच कर रहे हैं।
कई बड़े सवाल अब भी अनसुलझे
संयोगितागंज थाना प्रभारी केपी यादव ने कहा- गंजबासौदा पुलिस से अभी केस डायरी नहीं मिली है। इसके आने के बाद ही सुसाइड नोट और अन्य तथ्यों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फरार होने के बाद अखिलेश आठ दिन तक कहां रहा? क्या रेलवे ट्रैक पर मिला धड़ वास्तव में अखिलेश सैनी का ही है? यदि हां तो उसकी मौत आत्महत्या, हादसा या किस अन्य परिस्थिति में हुई?
पुलिस के अनुसार, जिस तरह अखिलेश ने पत्नी उर्मिला की हत्या के बाद नहाकर कपड़े बदले, माथे पर टीका लगाया और सामान्य तरीके से बच्चों के स्कूल पहुंचा, उससे उसके व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। कुछ परिचित उसे असामान्य या सनकी स्वभाव का बता रहे हैं, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अखिलेश अपने दोनों मोबाइल फोन, स्कूटी और एटीएम कार्ड पीछे छोड़कर गया था। वह बच्चों के स्कूल से ऐसे रास्ते से निकला, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस पड़ताल कर रही है कि कहीं उसने जांच की दिशा भटकाने के लिए कोई सुनियोजित कदम तो नहीं उठाया।
अखिलेश का कथित शव गंजबासौदा रेलवे स्टेशन से करीब 3 किलोमीटर दूर मिला।
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बेटी बोली- पापा का एनकाउंटर नहीं…उन्हें आखिरी सांस तक तड़पाओ
"जालिम पिता ने मां को तड़पा-तड़पाकर मारा, उसे भी वही दर्द मिलना चाहिए।" इंदौर की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में तीसरे दिन बेटी प्रेक्षा का दर्द छलक पड़ा। उसने कहा कि आरोपी को न फांसी दी जाए, न एनकाउंटर किया जाए बल्कि उसे वही पीड़ा महसूस कराई जाए, जो उसकी मां ने आखिरी सांस तक झेली। पढ़ें पूरी खबर…
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