कप्तानी में छा गए वैभव सूर्यवंशी... पहला DRS बना मास्टरस्ट्रोक, अंपायर को बदलना पड़ा फैसला, VIDEO

Published on 30 अग॰ 2026

वैभव सूर्यवंशी की उम्र भले ही सिर्फ 15 साल है, लेकिन क्रिकेट की समझ उनकी उम्र से कहीं आगे दिख रही है. वैभव को जब दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ ईस्ट जोन के लिए अचानक कप्तानी का मौका मिला तो इस युवा खिलाड़ी ने ऐसा फैसला लिया, जिसने उनकी सूझबूझ की झलक दिखा दी.

बेंगलुरु स्थित भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) ग्राउंड-1 में जारी इस मुकाबले में नियमित कप्तान ईशान किशन के चोटिल होने के बाद वैभव ने टीम की कमान संभाली. कप्तानी के इस छोटे से स्पेल में उनके लिए सबसे खास पल 40वें ओवर में आया, जब उन्होंने अपना पहला डीआरएस रिव्यू लिया और फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ.

सेंट्रल जोन की पारी के 40वें ओवर में मुकेश कुमार ने आर्यन जुयाल के खिलाफ कैच की अपील की. अंपायर ने अपील को खारिज कर दिया, लेकिन स्लिप में मौजूद वैभव सूर्यवंशी को भरोसा था कि गेंद बल्ले से लगी है. मुकेश ने कप्तान को रिव्यू लेने के लिए कहा और वैभव ने तुरंत डीआरएस लेने का इशारा कर दिया. रिप्ले में अल्ट्राएज पर गेंद के बल्ले के पास से गुजरते वक्त साफ हलचल दिखाई दी. ऐसे में तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला बदल दिया. इस तरह वैभव के कैप्टेंसी करियर का पहला रिव्यू सफल रहा. जुयाल के आउट होने के बाद वैभव का रिएक्शन देखने लायक था. इस विकेट के बाद सेंट्रल जोन का स्कोर 99/4 हो गया. जुयाल 46 रनों के निजी स्कोर पवेलियन लौटे.

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वैभव सूर्यवंशी इस फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे क्योंकि वह स्लिप में खड़े होकर गेंद और बल्ले के बीच हुई संपर्क को देख चुके थे. कमेंट्री के दौरान भी उनकी इस बात के लिए तारीफ हुई कि उन्होंने बिना स्टम्प माइक्रोफोन की आवाज पर निर्भर हुए स्थिति को भांप लिया. स्टैंडिंग विकेटकीपर कुमार कुशाग्र ने भी वैभव को रिव्यू लेने के लिए फुल कॉन्फिडेंस दिया.

Stand-in Captain Vaibhav Sooryavanshi goes for the review with 3 seconds remaining...and gets it right 👏

DRS done right as the set Aryan Juyal (46) is dismissed ✅

The celebrations say it all 🙌#DuleepTrophy pic.twitter.com/IwBQbr8hJQ

— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) August 30, 2026

मुकाबले की शुरुआत में ईशान किशन ही ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे थे. लेकिन 19वें ओवर के दौरान उनकी उंगली में चोट लग गई और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा. ईशान के बाहर जाने के बाद उपकप्तान वैभव को कप्तानी की जिम्मेदारी मिली. कुमार कुशाग्र ने विकेटकीपिंग संभाली, जबकि वैभव ने मैदान पर फील्ड सेट करने और गेंदबाजों के साथ रणनीति बनाने का जिम्मा उठाया. ईशान बाद में हाथ पर टेप लगाकर वापस लौटे, लेकिन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी दोबारा नहीं संभाली.

वैभव को उप-कप्तानी मिलने पर उठे थे सवाल
वैभव सूर्यवंशी को इस टूर्नामेंट के लिए ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया था. तब भी यह फैसला चर्चा में रहा था, क्योंकि उनका फर्स्ट क्लास अनुभव अभी काफी सीमित है. अब ईशान की चोट ने उन्हें कप्तानी करने का मौका दे दिया. उनके लिए यह सीनियर स्तर पर कप्तानी का पहला अनुभव रहा. यह जिम्मेदारी उस समय आई है जब वैभव ने अभी सिर्फ नौ फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं. ऐसे में इतने बड़े मुकाबले में मैदान पर फैसले लेना उनके लिए बड़ी चीज रही.

पिछले कुछ महीनों में वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट में तेजी से अपनी जगह बनाई है. राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में 776 रन बनाए. इसके बाद इंडिया-ए की ओर ट्राई-सीरीज के फाइनल में उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रन ठोककर सनसनी मचा दी थी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती मैचों में संघर्ष के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने दो अर्धशतक लगाकर शानदार वापसी की.

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