Updated On: Aug 04, 2026 | 09:01 PM IST
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सार
E20 Petrol Quality: E20 पेट्रोल विवाद पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने दी सफाई। सरकार ने कहा कि 87 हजार से अधिक पंपों पर नियमित गुणवत्ता जांच हो रही है और 302 खराब एथेनॉल टैंकर रिजेक्ट किए गए हैं।

सांकेतिक तस्वीर (AI Image)
विस्तार
Petroleum Ministry Clarification on E20 Petrol Quality: E20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और विवाद के बीच पहली बार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने विस्तृत सफाई दी है। मंत्रालय ने कहा है कि देश में एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) की गुणवत्ता की नियमित और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। साथ ही सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) निर्धारित मानकों के अनुसार लगातार फ्यूल क्वालिटी की निगरानी कर रही हैं।
देशभर में नियमित हो रही गुणवत्ता जांच
मंत्रालय के अनुसार, देश के 87 हजार से अधिक पेट्रोल पंपों पर हर वर्ष 8 से 12 बार ईंधन की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाता है। इसके अलावा 2,000 से अधिक फ्यूल सैंपलों की क्लोराइड और सल्फाइड कंटैमिनेशन के लिए भी जांच की गई।
सरकार का कहना है कि इन जांचों के दौरान केवल दो मामलों में क्लोराइड कंटैमिनेशन पाया गया। संबंधित दोनों पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से ईंधन की बिक्री रोक दी गई और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन में मिलावट या कंटैमिनेशन की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित आउटलेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मल्टी-लेयर क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम लागू
सरकार ने बताया कि E20 पेट्रोल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मल्टी-लेयर क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम अपनाया गया है। इस प्रक्रिया के तहत-
- एथेनॉल की खरीद के समय ही उसकी गुणवत्ता की जांच होती है।
- गुणवत्ता परीक्षण में सफल होने के बाद ही एथेनॉल को सप्लाई चेन में शामिल किया जाता है।
- पास हुए एथेनॉल को अलग स्टोरेज सुविधाओं में रखा जाता है ताकि किसी भी प्रकार के कंटैमिनेशन की संभावना कम रहे।
302 टैंकर एथेनॉल किए गए रिजेक्ट
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच गुणवत्ता परीक्षण के दौरान 302 एथेनॉल टैंकर निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन टैंकरों में करीब 10,500 किलोलीटर एथेनॉल था, जिसे गुणवत्ता मानकों पर असफल पाए जाने के बाद तत्काल रिजेक्ट कर दिया गया। सरकार का कहना है कि खराब गुणवत्ता वाला एथेनॉल बाजार तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बीच आई सफाई
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें दावा किया गया कि E20 पेट्रोल के कारण वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और मोटरसाइकिलों के इंजन खराब हो रहे हैं।
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इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल भी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने भी E20 नीति की समीक्षा या इसे वापस लेने की मांग की है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप E20 पेट्रोल की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी अनियमितता मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है।
