पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED की रेड : 248 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में गुरुग्राम के घर, दफ्तर और फार्महाउस पर छापा - Haribhoomi

Published on 17 सित॰ 2026

वाटिका ग्रुप के प्रोजेक्ट्स में 661 खरीदारों से धोखाधड़ी के तार हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री से जुड़े, मनी लॉन्ड्रिंग और फंड ट्रांसफर की जांच में जुटी प्रवर्तन निदेशालय की टीम। 

  Former Minister Gopal Kanda

पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के गुरुग्राम स्थित घर, दफ्तर और फार्महाउस पर ईडी का छापा।

  • Published: 17 Sep 2026, 01:32 PM IST
  • Last Updated: 17 Sep 2026, 01:32 PM IST

हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री और व्यवसायी गोपाल कांडा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 17 के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को गुरुग्राम में कांडा से जुड़ी तीन मुख्य संपत्तियों पर अचानक छापेमारी की। केंद्रीय जांच एजेंसी की इस बड़ी कार्रवाई की जद में पूर्व विधायक का रिहायशी घर, उनका मुख्य कार्यालय और एक फार्महाउस शामिल है। 

यह पूरी कार्रवाई रियल एस्टेट कंपनी वाटिका से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले और हेराफेरी से संबंधित है। केंद्रीय जांच एजेंसियों को यह आशंका है कि प्रोजेक्ट्स से डायवर्ट की गई भारी-भरकम राशि को बाद में गोपाल कांडा से जुड़ी अलग-अलग सहयोगी और फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया था।

4 प्रोजेक्ट्स के जरिए 661 निवेशकों से किया फर्जीवाड़ा
प्रवर्तन निदेशालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह मामला साइबर सिटी गुरुग्राम में स्थित चार प्रमुख रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है। इन परियोजनाओं में करीब 661 बेकसूर निवेशकों से लगभग 248.46 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे।

संपत्ति का सौदा तय करते समय निवेशकों को कई लुभावने वादे दिए गए थे, जिनमें समय पर भौतिक कब्जा देना, हर महीने पक्का रिटर्न व लीज रेंटल की गारंटी और तय समयसीमा में सेल डीड निष्पादित करना शामिल था। हालांकि, वर्षों बीत जाने के बाद भी न तो खरीदारों को कब्जा सौंपा गया और न ही रजिस्ट्री पूरी की गई। 

फंड की आवाजाही खंगाल रही ईडी, पहले भी पड़ी थी रेड
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि रेड का मुख्य उद्देश्य मनी ट्रेल को ट्रेस करना है। जांच की जा रही है कि निवेशकों से जुटाया गया पैसा कहां-कहां ट्रांसफर किया गया। यह कोई पहला मौका नहीं है जब कांडा ईडी के रडार पर आए हों। इससे पहले अगस्त 2023 में भी ईडी की टीमों ने उनके घर और एमडीएलआर (MDLR) एयरलाइंस के दफ्तर पर 21 घंटे तक मैराथन छापेमारी कर दस्तावेज खंगाले थे।

एयरहोस्टेस सुसाइड केस से बटोरी थीं सुर्खियां
गोपाल कांडा का विवादों से पुराना नाता रहा है। वर्ष 2012 में पूर्व एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा की खुदकुशी के मामले में कांडा का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, वर्ष 2023 में एक अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था।

कांडा की रेडियो रिपेयरिंग से करोड़ों के साम्राज्य तक की कहानी 
सिरसा में कभी रेडियो मरम्मत और जूते की दुकान चलाने वाले कांडा की किस्मत साल 2000 के आसपास गुरुग्राम के रियल एस्टेट कारोबार से बदली। तत्कालीन सरकार और अधिकारियों से नजदीकी का फायदा उठाकर उन्होंने जमीनों का कारोबार शुरू किया। बाद में उन्होंने 'MDLR एयरलाइंस' शुरू की और करीब 40 अन्य कंपनियां बनाईं।

2019 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके पास करीब 70 करोड़ रुपये की संपत्ति है। सिरसा में ढाई एकड़ में बने उनके महलनुमा घर में निजी हेलीपैड भी मौजूद है। फिलहाल ईडी उनके इसी कारोबारी नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है।