EPFO Deadline: PF रिटर्न भरने की तारीख बढ़ी, अब 31 अक्टूबर तक मिलेगा मौका

Published on 18 अक्टू॰ 2026

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं को राहत देते हुए सितंबर 2026 के प्रोविडेंट फंड (PF) रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दी है. पहले यह समयसीमा 15 अक्टूबर थी. अब कंपनियों और संस्थानों को रिटर्न भरने, कर्मचारियों के वेतन का हिसाब जांचने और पीएफ योगदान जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है.

अब 31 अक्टूबर तक जमा करना होगा PF रिटर्न

EPFO के नियमों के तहत कंपनियों को हर महीने कर्मचारियों के वेतन और पीएफ योगदान से जुड़ी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ECR) के जरिए जमा करनी होती है. इसके साथ संबंधित योगदान भी जमा करना जरूरी है.

सितंबर 2026 के लिए पहले रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर निर्धारित थी. अब इसे बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया गया है. इससे नियोक्ताओं को रिटर्न तैयार करने और कर्मचारियों के योगदान से जुड़ी जानकारी में किसी भी तरह की गलती सुधारने का अतिरिक्त समय मिलेगा.

वेतन सीमा में बदलाव के कारण मिली राहत

पीएफ से जुड़े नियमों में बदलाव के कारण कंपनियों को अपने पेरोल सिस्टम और कर्मचारियों के रिकॉर्ड में जरूरी बदलाव करने पड़ सकते हैं. ऐसे में वेतन की गणना, कर्मचारियों की पात्रता और पीएफ योगदान की जानकारी को अपडेट करना जरूरी हो जाता है.

कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों के वेतन और पीएफ योगदान का विवरण सही तरीके से दर्ज हो. समयसीमा बढ़ने से नियोक्ताओं को इन प्रक्रियाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी.

EPF, EPS और EDLI का विवरण भरना जरूरी

इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न में कर्मचारियों के वेतन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े योगदान की जानकारी शामिल होती है. इसमें कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) से संबंधित विवरण भी शामिल हैं.

रिटर्न भरते समय कर्मचारियों के वेतन, योगदान और अन्य जरूरी जानकारियों की जांच करना महत्वपूर्ण है. गलत जानकारी दर्ज होने से कर्मचारियों के पीएफ रिकॉर्ड में परेशानी आ सकती है. इसलिए नियोक्ताओं को रिटर्न जमा करने से पहले सभी विवरणों का मिलान कर लेना चाहिए.

कर्मचारियों को भी रखना चाहिए ध्यान

कर्मचारियों को अपनी सैलरी स्लिप और पीएफ खाते में जमा होने वाले योगदान की नियमित जांच करनी चाहिए. अगर वेतन से पीएफ की कटौती हो रही है, तो यह देखना भी जरूरी है कि संबंधित राशि खाते में जमा हुई है या नहीं.

कुल मिलाकर, सितंबर 2026 के पीएफ रिटर्न की समयसीमा बढ़ने से नियोक्ताओं को अतिरिक्त समय मिला है. कंपनियों को 31 अक्टूबर तक रिटर्न दाखिल करने और संबंधित योगदान जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए. समय पर सही जानकारी जमा करने से कर्मचारियों के पीएफ रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी.

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कन्हैया पचौरी

कन्हैया पचौरी

कन्हैया पचौरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट, टीवी और ऑनलाइन मीडिया में 10 वर्षों का अनुभव है. उन्होंने प्रिंट पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने टेक और ऑटो सेक्शन को कवर कर रहे हैं. वह टेक्नोलॉजी पर बारीकी से रिसर्च करते है और लेटेस्ट ट्रेंड्स और डेवलपमेंट्स पर नजर रखते हैं. वर्तमान में, कन्हैया टीवी9 के साथ जुड़े हुए हैं, यहां ये टेक और ऑटो सेक्शन कवर कर रहे हैं. उन्होंने इंडस्ट्री में लेटेस्ट डेवलपमेंट के गहन कवरेज करने को लेकर अपना नाम बनाया है. यूजर्स को किसी भी न्यूज की पूरी और सही जानकारी देने में तत्पर हैं. जब वह टेक्नोलॉजी पर काम नहीं कर रहे होते हैं तो अपने शौक पूरे करने में उन्हें अच्छा लगता है. उन्हें म्यूजिक सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. उनका मानना है कि काम में व्यस्त दिन के बाद म्यूजिक और किताबें आराम करने का एक शानदार तरीका है.

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