ईपीएफओ का नया सर्विस हिस्ट्री फीचर कर्मचारियों को यूएएन से जुड़े सभी पुराने और नए पीएफ रिकॉर्ड एक जगह देखने की सुविधा देता है। इससे पुराने पीएफ अकाउंट, मिसिंग एग्जिट डेट और डुप्लीकेट यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जैसी समस्याओं की समय रहते पहचान हो सकती है।
epfo service history
- Published: 04 Aug 2026, 09:07 PM IST
- Last Updated: 04 Aug 2026, 09:07 PM IST
आज के समय में नौकरी बदलना आम बात है, लेकिन हर नई नौकरी के साथ कर्मचारी को नया पीएफ मेंबर आईडी मिल जाता है। कई साल बाद जब कर्मचारी पीएफ ट्रांसफर, निकासी या पेंशन से जुड़े काम के लिए आवेदन करता, तब पता चलता है कि उसका कोई पुराना पीएफ अकाउंट रिकॉर्ड में नहीं दिख रहा या किसी पुराने नियोक्ता की जानकारी गायब है।
ऐसी परेशानी को दूर करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सर्विस हिस्ट्री फीचर शुरू किया। इसकी मदद से कर्मचारी अपने यूएएन (Universal Account Number) से जुड़े सभी रोजगार और पीएफ रिकॉर्ड एक ही जगह देख सकते हैं।
अब नौकरी की हिस्ट्री आसानी से देख सकेंगे
यह सुविधा ईपीएफओ मेंबर ई-सेवा पोर्टल पर उपलब्ध है। कर्मचारी अपने यूएएन और पासवर्ड से लॉगिन करने के बाद व्यू टैब में जाकर सर्विस हिस्ट्री विकल्प चुन सकते। यहां उन्हें वर्तमान और पुराने सभी नियोक्ताओं का नाम, मेंबर आईडी, जॉइनिंग डेट और एग्जिट डेट जैसी जानकारी दिखाई देती है। इससे पुराने दस्तावेज खोजने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरी नौकरी का रिकॉर्ड एक ही स्क्रीन पर मिल जाता है।
यह फीचर उन कर्मचारियों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जिनके पुराने नियोक्ता ने नौकरी छोड़ने की तारीख (Exit Date) अपडेट नहीं की या पुराना पीएफ अकाउंट सही तरीके से यूएएन से लिंक नहीं हुआ। ऐसी गलतियां कई साल तक सामने नहीं आतीं, क्योंकि नए नियोक्ता की ओर से PF जमा होता रहता है, लेकिन पीएफ ट्रांसफर, निकासी या पेंशन का दावा करते समय यही छोटी-सी कमी बड़ी परेशानी बन सकती है।
यदि सर्विस हिस्ट्री में किसी पुराने नियोक्ता की जानकारी नहीं दिखती या एग्जिट डेट दर्ज नहीं है, तो कर्मचारी समय रहते अपने पुराने नियोक्ता से संपर्क कर रिकॉर्ड अपडेट करा सकते हैं। ऐसा जल्दी करना बेहतर होता है, क्योंकि वर्षों बाद कंपनी से रिकॉर्ड निकलवाना मुश्किल हो सकता है।
PFO Service History के फायदे
- यूएएन से जुड़े सभी पुराने और नए पीएफ अकाउंट की जानकारी एक जगह मिलेगी।
- पुराने नियोक्ता का नाम, मेंबर आईडी, जॉइनिंग और एग्जिट डेट देख सकेंगे।
- पीएफ ट्रांसफर और निकासी में आने वाली दिक्कतों का पहले ही पता चल जाएगा।
- एक से अधिक यूएएन होने की स्थिति की पहचान करने में मदद मिलेगी।
- रिकॉर्ड समय रहते सही कराकर भविष्य की परेशानी से बचा जा सकेगा।
ईपीएफओ ने कर्मचारियों को केवायसी जांचने को कहा
ईपीएफओ ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि सर्विस हिस्ट्री देखने के साथ-साथ अपने नो-योर कस्टमर की भी जांच कर लें। आधार, PAN, बैंक खाता और मोबाइल नंबर सही व अपडेट होना जरूरी है। इन्हीं जानकारियों में गड़बड़ी होने पर अक्सर PF क्लेम और ट्रांसफर में देरी होती है।
यदि किसी कर्मचारी ने अभी तक अपना UAN एक्टिवेट नहीं किया है, तो पहले उसे सक्रिय करना होगा। इसके बाद मेंबर ई-सेवा पोर्टल पर पासबुक देखने, ऑनलाइन क्लेम करने, क्लेम स्टेटस ट्रैक करने और प्रोफाइल अपडेट करने जैसी कई सुविधाएं भी मिल जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाला PF कई दशकों की बचत होती है। इसलिए जिन लोगों ने अपने करियर में कई बार नौकरी बदली है, उन्हें समय निकालकर अपनी सर्विस हिस्ट्री जरूर जांचनी चाहिए। इससे भूले हुए PF अकाउंट खोजने के साथ-साथ भविष्य में क्लेम के समय होने वाली परेशानियों से भी बचा जा सकता है।
(प्रियंका कुमारी)