EPFO ने शुरू की नई एमनेस्टी योजना, PF ट्रस्टों को होगा ये लाभ; आवेदन कर पूरा करें पेंडिंग प्रोसेस

Published on 12 जुल॰ 2026

EPFO Amnesty Scheme 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 'एमनेस्टी स्कीम, 2026' शुरू की है. इस योजना के तहत PF ट्रस्टों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. आवेदन प्रक्रिया 6 महीने तक चालू रहेगी.

Published bySuhel Khan

EPFO Amnesty Scheme 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 'एमनेस्टी स्कीम, 2026' शुरू की है. इस योजना के तहत PF ट्रस्टों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. आवेदन प्रक्रिया 6 महीने तक चालू रहेगी.

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EPFO ने शुरू की नई एमनेस्टी योजना, PF ट्रस्टों को होगा ये लाभ; आवेदन कर पूरा करें पेंडिंग प्रोसेस

EPFO Amnesty Scheme 2026:श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 'एमनेस्टी स्कीम, 2026' शुरू की है. यह स्कीम उन संस्थानों को अपना स्टेटस रेगुलर करने का एक बार का मौका देती है जो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त 'एग्जेम्प्टेड प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्ट' चलाते हैं. नियोक्ताओं, स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे इस स्कीम पर ध्यान दें. यह स्कीम छह महीने तक खुली रहेगी.

फाइनेंस एक्ट, 2026 ने मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड से जुड़े इनकम टैक्स फ्रेमवर्क को 'कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952' के कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप बना दिया है. इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत मान्यता केवल उन्हीं प्रोविडेंट फंड को मिलेगी, जिन्हें 'कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952' की धारा 17 के तहत छूट (एग्जेम्पशन) मिली हुई है. ऐसे संस्थानों को इस एक्ट की धारा 17 और 'सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020' की धारा 143 के तहत पिछली तारीख से (रेट्रोस्पेक्टिव रूप से) एमनेस्टी (माफी/राहत) दी जाएगी.

एमनेस्टी स्कीम (माफ़ी योजना) का दायरा 

यह स्कीम उन संस्थानों पर लागू होती है जो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट चला रहे हैं, लेकिन उनके पास संबंधित सरकार (केंद्र सरकार या राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो) से छूट का औपचारिक नोटिफिकेशन नहीं है. 

स्कीम की वैधता अवधि

यह स्कीम नोटिफिकेशन की तारीख से छह (6) महीने की अवधि के लिए मान्य है. इस स्कीम का नोटिफिकेशन 29 जून, 2026 को जारी किया गया है. 

योग्य संस्थान कैटेगरी-I

वे संस्थान जो ट्रस्ट को पिछली तारीख से रेगुलराइज़ (नियमित) करवाना चाहते हैं और जिन्होंने पहले ही बिना-छूट वाले संस्थान के तौर पर नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है या जो बिना-छूट वाले संस्थान के तौर पर आगे नियमों का पालन करने का विकल्प चुन रहे हैं. 

कैटेगरी-II: 

वे संस्थान जो ट्रस्ट को पिछली तारीख से रेगुलराइज़ करवाना चाहते हैं और जो सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत छूट प्राप्त संस्थान के तौर पर काम जारी रखना चाहते हैं.

मुख्य लाभ और राहत पिछली तारीख से रेगुलराइजेशन 

ट्रस्ट की शुरुआत से लेकर तय कट-ऑफ तारीख तक छूट का स्टेटस और ट्रस्ट की मान्यता दी जाएगी. सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत ज़रूरी शर्तों से छूट: कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या और कॉर्पस (फंड) के आकार के नियमों में छूट दी गई है. 3 साल तक नियमों के पालन की शर्त को पूरा माना जाएगा. 

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कानूनी कार्यवाही खत्म करना: बकाया राशि, हर्जाने और ब्याज के लिए लंबित असेसमेंट (जांच-पड़ताल) वापस ले लिए जाएंगे और खत्म माने जाएंगे, बशर्ते सदस्य खातों को कानूनी दरों के बराबर या उससे बेहतर ब्याज और योगदान मिला हो. पहले से फाइनल हो चुके आदेशों को शुरू से ही अमान्य माना जाएगा.

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