फरीदाबाद ESIC में बिगड़ी लेडी-डॉक्टर की तबीयत: समय पर नहीं मिला इलाज, ब्लिंकिट से मंगाना पड़ा सर्वाइकल हार्ड कॉलर, निजी एम्बुलेंस बुलानी पड़ी - Faridabad News
Published on 20 सित॰ 2026
Hindi News
Local
Haryana
Faridabad
Faridabad ESIC Medical College Doctor Negligence | Resident Doctors Protest
फरीदाबाद8 घंटे पहले
कॉपी लिंक
फरीदाबाद ESIC में डॉक्टर को समय पर नही मिला इलाज
फरीदाबाद स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद समय पर इलाज और जरूरी सुविधाएं नहीं मिलने का मामला सामने आया है।
हालत बिगड़ने पर लेडी डॉक्टर को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। घटना को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों में नाराजगी है। डॉक्टरों ने डीन को पत्र लिखकर पूरे मामले में 24 घंटे के अंदर लिखित जवाब और एक्शन टेकन रिपोर्ट देने की मांग की है। उनका कहना है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
48 घंटे में करीब 35 घंटे की थी ड्यूटी
रेजिडेंट डॉक्टरों के मुताबिक, मामला 19 सितंबर का है। न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में तैनात रेजिडेंट डॉक्टर वंशिका त्यागी (करीब 27 वर्षीय) ने पिछले 48 घंटे में करीब 35 घंटे ड्यूटी की थी। ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी के दौरान अचानक उन्हें तेज कमजोरी महसूस हुई। कुछ ही समय में हाथ-पैरों में सुन्नापन और कमजोरी बढ़ गई। डॉक्टरों ने इसे क्वाड्रीपारेसिस की स्थिति बताया।
ओटी से इमरजेंसी ले जाने में लगे 90 मिनट
डॉक्टर रोहित के मुताबिक, हालत बिगड़ने के बाद डॉक्टर वंशिका को ओटी से इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट करने के लिए करीब 90 मिनट तक नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध नहीं हो सका। डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल में मरीज को तत्काल उपलब्ध कराया जाने वाला सर्वाइकल हार्ड कॉलर भी नहीं मिला। आखिरकार इसे बाहर से ब्लिंकिट के जरिए मंगवाना पड़ा।
डॉक्टरों के द्वारा डीन को लिखा गया पत्र।
ब्लड रिपोर्ट और एमआरआई में भी हुई देरी
डॉक्टरों के अनुसार, इमरजेंसी अनुरोध के बावजूद ब्लड रिपोर्ट आने में करीब तीन घंटे लग गए। वहीं, केएफटी प्रोटोकॉल का हवाला देकर एमआरआई कराने में भी देरी हुई। इस दौरान डॉक्टर वंशिका की हालत को लेकर साथी डॉक्टरों में चिंता बढ़ती रही।
अस्पताल की एम्बुलेंस भी नहीं मिली
रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल की तरफ से डॉक्टर वंशिका को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद निजी अस्पताल से एम्बुलेंस बुलानी पड़ी। साथ ही, प्राथमिकता के आधार पर न्यूरोलॉजी या न्यूरोसर्जरी के कंसल्टेंट की सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो सकी।
ESIC मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डीन डॉ. कालिदास चव्हाण दत्तात्रेय
निजी अस्पताल में कराया इलाज
अंत में लेडी डॉक्टर को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया। इस घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल की मेडिकल सुविधाओं और इमरजेंसी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
डॉक्टरों ने डीन को पत्र लिखकर मामले की जांच, जिम्मेदारी तय करने और 24 घंटे के अंदर लिखित जवाब व एक्शन टेकन रिपोर्ट देने की मांग की है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से बड़े स्तर पर आंदोलन कर सकते हैं।
डीन से नहीं हो सका संपर्क
इस मामले को लेकर जब ESIC मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डीन डॉ. कालिदास चव्हाण दत्तात्रेय से संपर्क करने की कोशिश की गई । लेकिन कई बार कोशिश करने के बाद भी उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
.
खबरें और भी हैं...
फरीदाबाद में ज्योत से लगी मकान में आग: AC, कूलर समेत घरेलू सामान जला; धुआं निकलने पर परिवार को पता चला
0:46
कॉपी लिंक
शेयर
फरीदाबाद पुलिस ने रेप का आरोपी राजस्थान से पकड़ा: महिला से मेले में मिला था; फोटो-वीडियो लीक की धमकी देता
कॉपी लिंक
शेयर
फरीदाबाद के स्कूल से 4.80 लाख कैश समेत लैपटॉप चोरी: अलमारी और दराज का लॉक तोड़ा; संचालक बोला- स्टाफ की सैलरी देनी थी
0:37
कॉपी लिंक
शेयर
फरीदाबाद में युवकों के 2 गुट भिड़े, CCTV: दुकान के अंदर घुसकर मारपीट, डंडे चले, 2 घायल; बाइकों पर आए थे