Published: Tuesday, September 29, 2026, 8:16 [IST]
Gangster Goldy Brar FBI: अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय अंडरवर्ल्ड और लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है। कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ (जिसका असली नाम सतिंदरजीत सिंह है) को FBI ने आधिकारिक तौर पर अपनी 'टॉप 10 मोस्ट वांटेड' भगोड़ों की लिस्ट में डाल दिया है।
यही नहीं एजेंसी ने गोल्डी बराड़ को पकड़वाने वाली पक्की जानकारी देने वाले को 1 मिलियन डॉलर (यानी करीब 9.6 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम इनाम देने का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि गोल्डी इस वक्त अमेरिका में ही कहीं छिपा बैठा है। गोल्डी बराड़ पर हत्या की साजिश, फिरौती वसूलने और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप हैं।
FBI की टॉप-10 लिस्ट में क्यों आया Goldy Brar?
अमेरिकी जांच एजेंसी के मुताबिक गोल्डी बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के उत्तरी अमेरिका में काम करने वाले नेटवर्क का कथित नेता माना जा रहा है। FBI के मुताबिक उस पर रैकेटियरिंग, जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल देने की साजिश और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े संघीय आरोप हैं।
FBI का कहना है कि बिश्नोई नेटवर्क पर अमेरिका और कनाडा समेत कई जगहों पर हत्या, गोलीबारी, अपहरण, धमकी, वसूली और ड्रग तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। बराड़ को इसी नेटवर्क में अहम भूमिका निभाने वाला आरोपी बताया गया है।
बराड़ की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए FBI ने 10 लाख डॉलर तक के इनाम का ऐलान किया है। 28 सितंबर को डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 96 रुपये के स्तर पर था। इस हिसाब से 10 लाख डॉलर की रकम लगभग 9.6 करोड़ रुपये होती है।
FBI के लॉस एंजिल्स फील्ड ऑफिस के प्रभारी सहायक निदेशक पैट्रिक ग्रैंडी ने कहा,
"गोल्डी बराड़ बेहद खतरनाक आरोपी है। उसे पकड़ना FBI और उसके सहयोगियों की प्राथमिकता है। इसी वजह से उसे टॉप-10 लिस्ट में शामिल किया गया है और उसकी गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली सूचना पर 10 लाख डॉलर तक का इनाम रखा गया है।"
ग्रैंडी ने यह भी कहा कि इस लिस्ट में आने के बाद बराड़ की तस्वीर और पहचान से जुड़ी जानकारी को बड़े स्तर पर सार्वजनिक किया जाएगा।
FBI की लिस्ट में 543वां भगोड़ा
मंगलवार (29 सितंबर) सुबह FBI के लॉस एंजिल्स फील्ड ऑफिस ने गोल्डी पर इस बड़े एक्शन की घोषणा की। अमेरिका ने अब साफ कर दिया है कि वह इन क्राइम सिंडिकेट्स को किसी भी हाल में बख्शने वाला नहीं है।
गोल्डी अमेरिका की इस मशहूर और खौफनाक लिस्ट में शामिल होने वाला 543वां क्रिमिनल बन गया है। इस लिस्ट में दुनिया के सबसे बड़े आतंकी और अपराधी रखे जाते हैं। अब इस लिस्ट में नाम आने के बाद गोल्डी का अमेरिका या दुनिया के किसी भी कोने में खुलेआम घूमना नामुमकिन हो गया है।
क्या है 'ऑपरेशन हार्ड बॉल'?
गोल्डी बराड़ के खिलाफ शुरू हुई यह हंटिंग 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' का ही एक हिस्सा है। यह अमेरिका और कनाडा की एजेंसियों का एक जॉइंट ऑपरेशन है, जिसका मकसद उत्तरी अमेरिका में पनप रहे भारत से जुड़े तीन बड़े क्राइम ग्रुप्स को उखाड़ फेंकना है।
इस रडार पर तीन गैंग हैं, लॉरेंस बिश्नोई गैंग, ढांडा ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप और भगवानपुरिया गैंग। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने रंगदारी, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के मामले में 37 लोगों पर केस दर्ज किया है।
जुलाई में जब इस ऑपरेशन का ऐलान हुआ था, तब 24 लोग पकड़े गए थे। बाद में 4 और गुर्गे अरेस्ट हुए और एक मारा गया। गोल्डी समेत 5 भगोड़ों की अमेरिकी पुलिस को अभी भी सरगर्मी से तलाश है।
FBI और कनाडाई पुलिस ने क्या कहा?
FBI लॉस एंजिल्स के असिस्टेंट डायरेक्टर पैट्रिक ग्रैंडी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा,
"सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ एक बेहद खतरनाक आदमी है। उसे पकड़ना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। 1 मिलियन डॉलर का इनाम इसीलिए रखा गया है। उसकी फोटो अब हर वेबसाइट, सोशल मीडिया और दुनिया भर के फोन्स पर तब तक घूमती रहेगी, जब तक वह सलाखों के पीछे नहीं आ जाता।"
वहीं, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने बताया,
"गोल्डी बराड़ और उसके नेटवर्क ने टारगेट किलिंग, रंगदारी और ड्रग्स तस्करी के जरिए कई जिंदगियां तबाह की हैं। FBI की लिस्ट में उसका नाम आना दिखाता है कि हम सब उसे पकड़ने के लिए कितने गंभीर हैं। हम FBI के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।"
निज्जर मर्डर और बिश्नोई गैंग का कनेक्शन
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अहम लीडर के तौर पर गोल्डी बराड़ पर अमेरिकी एजेंसियों ने कई गंभीर चार्ज लगाए हैं। इसमें वसूली का रैकेट चलाना, ड्रग्स सप्लाई और क्राइम सिंडिकेट चलाना शामिल है। इन सबके अलावा, इसी बिश्नोई गैंग पर जून 2023 में कनाडा के अंदर खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी सीधा आरोप है। इस मर्डर के बाद ही कनाडा और अमेरिकी एजेंसियां इस गैंग के पूरी तरह से हाथ-धोकर पीछे पड़ गई हैं।