
स्पेन में इस्लाम का इतिहासImage Credit source: Getty Images
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मैदान पर जब स्पेन की टीम ने चैंपियन बनकर इतिहास रचा, तो पूरी दुनिया की नजरें इस यूरोपीय देश पर टिक गईं. खेल के मैदान पर आज अपनी बादशाहत साबित करने वाले स्पेन का अतीत एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ से गुजरा है, जिसने न सिर्फ इस देश का भूगोल बदला, बल्कि इसका पूरा मजहबी ताना-बाना भी हमेशा के लिए पलट दिया. यह कहानी है स्पेन से इस्लाम साम्राज्य के खात्मे की, जहां कभी मस्जिदों की मीनारें गूंजती थीं, लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब साम्राज्य के आखिरी मुस्लिम शासक को घुटने टेकने पड़े, सैकड़ों मस्जिदें वापस चर्च में बदल दी गईं और एक पूरे समाज की पहचान बदल दी गई. आइए जानते हैं कि आखिर कैसे स्पेन की धरती से एक दौर के सबसे ताकतवर मुस्लिम साम्राज्य का हमेशा के लिए अंत हो गया.
स्पेन में इस्लामी शासन की शुरुआत कैसे हुई?
स्पेन में इस्लाम धर्म की शुरुआत साल 711 ईस्वी में हुई, जब उमय्यद खिलाफत की सेनाओं ने इबेरियन प्रायद्वीप पर विजय मिली थी. इसके बाद स्पेन के बड़े हिस्से पर मुस्लिम शासकों का नियंत्रण स्थापित हो गया. अगले कई सौ सालों तक मुस्लिम शासकों के शासन में स्पेन विज्ञान, शिक्षा, कृषि और व्यापार का प्रमुख केंद्र बन गया. ग्रेनाडा शहर उस दौर में दुनिया के सबसे विकसित और खुशहाल शहरों में गिने जाता था.
ग्रेनाडा कैसे बना मुस्लिम शासन का आखिरी गढ़?
11वीं और 12वीं शताब्दी के दौरान उत्तर अफ्रीका के आल्मोराविद और बाद में अलमोहद शासकों ने स्पेन के कई हिस्सों पर शासन किया. लेकिन समय के साथ ईसाई राज्यों ने धीरे-धीरे अपने क्षेत्रों का विस्तार करना शुरू कर दिया. 1238 में ग्रेनाडा अमीरात की स्थापना हुई. जैसे-जैसे ईसाई सेनाएं आगे बढ़ती गईं, स्पेन के बाकी हिस्सों से बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी ग्रेनाडा आकर बसने लगी. इसी कारण ग्रेनाडा मुस्लिम संस्कृति, शिक्षा और शासन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन गया.
ये भी पढ़ें: लियोनेल मेस्सी ने जिस स्पेन के खिलाड़ी को गोद में खिलाया, जानिए उस लामिन यमाल का धर्म
1492 में कैसे खत्म हुआ मुस्लिम शासन?
15वीं शताब्दी के अंत तक आरागॉन के राजा फेर्डिनांड और कैस्टाइल की रानी ईसाबेला ने अपने राज्यों को मजबूत कर लिया था. दोनों ने मिलकर ग्रेनाडा पर अंतिम सैन्य अभियान चलाया. करीब 10 सालों तक चले ग्रेनाडा युद्ध के बाद 2 जनवरी 1492 को ग्रेनाडा के अंतिम मूर शासक बोआब्दिल ने आत्मसमर्पण कर दिया. इसके साथ ही स्पेन में लगभग आठ सदियों से चले आ रहे मुस्लिम शासन की हार हो गई. इतिहास में इस घटना को सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल किया जाता है.
मस्जिदों का क्या हुआ?
ग्रेनाडा पर ईसाई शासन स्थापित होने के बाद धार्मिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव शुरू हुए. कई प्रमुख मस्जिदों को चर्चों में बदल दिया गया.
कौन थे किंग फेर्डिनांड पंचम?
किंग फेर्डिनांड पंचम, जिन्हें इतिहास में फेर्डिनांड द कैथोलिक या आरागॉन के फेर्डिनांड द्वितीय के नाम से जाना जाता है, आधुनिक स्पेन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शासकों में गिने जाते हैं. उनका जन्म 1452 में हुआ था और उन्होंने अपनी पत्नी रानी ईसाबेला प्रथम के साथ मिलकर स्पेन के राजनीतिक एकीकरण की नींव रखी. ग्रेनाडा विजय उनकी सबसे बड़ी सैन्य उपलब्धियों में शामिल मानी जाती है.
स्पेन में अब कितनी मुस्लिम अबादी?
स्पेन एक लोकतांत्रिक और धार्मिक स्वतंत्रता वाला देश है. यहां ईसाई धर्म सबसे बड़ा धर्म है, जबकि इस्लाम दूसरा सबसे बड़ा धर्म माना जाता है. वर्तमान समय में स्पेन की कुल आबादी लगभग 4.9 करोड़ के आसपास है. जनसांख्यिकीय रिपोर्टों के अनुसार, देश में लगभग 25 लाख से 30 लाख मुस्लिम रहते हैं, जो कुल आबादी का लगभग 5 प्रतिशत हैं. स्पेन में रहने वाले अधिकांश मुस्लिम मूल रूप से मोरक्को से जुड़े हैं. इसके अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, अल्जीरिया, सेनेगल और माली जैसे देशों से आए लोगों की भी अच्छी-खासी संख्या है.
ये भी पढ़ें: FIFA World Cup जीतने वाले स्पेन में किस धर्म के रहते हैं लोग, हिंदुओं और उनके मंदिरों की संख्या कितनी?

वरुण चौहान
इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.
Read More