Published: Tuesday, September 1, 2026, 18:18 [IST]
NEET Protest FIR: नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने संविधान में मिली अपनी खास ताकत यानी अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए सभी मामलों को एक साथ खत्म कर दिया। इससे एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है कि आखिर आर्टिकल 142 क्या है?
सुप्रीम कोर्ट को इससे कितनी ताकत मिलती है और अदालत कब इसका इस्तेमाल करती है? दरअसल, अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में 'पूर्ण न्याय' सुनिश्चित करने के लिए जरूरी आदेश देने की विशेष शक्ति देता है।
क्या है संविधान का अनुच्छेद 142?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को किसी लंबित मामले में 'पूर्ण न्याय' (Complete Justice) के लिए जरूरी आदेश या डिक्री जारी करने की शक्ति देता है। आसान भाषा में समझें तो अगर सामान्य कानूनी प्रक्रिया के जरिए किसी मामले में पूरा न्याय करना मुश्किल हो, तो सुप्रीम कोर्ट इस विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर सकता है। अनुच्छेद 142 के तहत दिया गया आदेश पूरे देश में लागू होता है। यही वजह है कि इसे सुप्रीम कोर्ट की असाधारण शक्तियों में गिना जाता है।
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सुप्रीम कोर्ट को ये विशेष शक्ति क्यों दी गई?
अनुच्छेद 142 का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सिर्फ कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से न्याय अधूरा न रह जाए। कई बार किसी मामले में कानून का सामान्य रास्ता अपनाने पर ऐसी स्थिति बन सकती है, जहां पूरी तरह न्याय करना संभव न हो। ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट अपनी विशेष संवैधानिक शक्ति का इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल मनमाने तरीके से नहीं किया जाता, बल्कि अदालत परिस्थितियों और मामले की जरूरत को देखते हुए 'पूर्ण न्याय' के लिए उचित आदेश जारी करती है।
NEET प्रदर्शन और FIR का क्या है पूरा मामला?
NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच झड़प हुई थी और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज भी किया गया था। प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों की पहचान के बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थीं। बाद में छात्र नेताओं की ओर से इन मामलों को वापस लेने की मांग उठी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां FIR खत्म करने को लेकर अनुच्छेद 142 के इस्तेमाल की संभावना सामने आई।
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केंद्र और दिल्ली पुलिस ने क्या अपील की?
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया था कि अगर छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने में कानूनी अड़चन आती है, तो अदालत अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर सकती है। इसके बाद केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट से सभी संबंधित FIR को एक साथ खत्म करने की अपील की गई। अदालत ने अब अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए इन मामलों को रद्द कर दिया है।
आर्टिकल 142 का इस्तेमाल कब किया जाता है?
सुप्रीम कोर्ट कई अलग-अलग परिस्थितियों में अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल कर चुका है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब अदालत को लगता है कि उपलब्ध कानूनी उपाय किसी मामले में 'पूर्ण न्याय' के लिए पर्याप्त नहीं हैं। हालांकि, यह शक्ति सामान्य कानून या मौजूदा कानूनी प्रावधानों को मनमाने तरीके से दरकिनार करने के लिए नहीं है। अदालत अपने आदेश के जरिए किसी विवाद को पूरी तरह खत्म करने या न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस संवैधानिक शक्ति का इस्तेमाल करती है।