‘डॉक्टर धरती के भगवान, व्यवहार बदलें तो आधी बीमारी बिना दवा ठीक’, First Bihar के कॉन्क्लेव में मंत्री श्रवण कुमार का बड़ा संदेश

Published on 6 सित॰ 2026

PATNA: 06 सितंबर रविवार की शाम पटना में फर्स्ट बिहार आयोग्य एक्सीलेंस अवॉर्ड 2.0 का आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव में बिहार के कई नामी डॉक्टर शामिल हुए। इस कॉन्क्लेव में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वही बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, ग्रामीण विकास-सूचना एवं जन-संपर्क मंत्री श्रवण कुमार सहित कई गणमान्य भी मौजूद रहें। मंत्री श्रवण कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉक्टरों को धरती का भगवान बताया साथ ही उन्हें बड़ा मैसेज भी दे दिया।

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पूरी फर्स्ट बिहार टीम को बधाई देता हूं कि इस तरह के कार्यक्रम में हमें बुलाया। राज्य के जो डॉक्टर्स हैं उनका भी महत्वपूर्ण योगदान बिहार को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में रहा है। इनके बीच मुझे आमंत्रित किया गया इसके लिए धन्यवाद और बधाई देता हूं। आज ज्यादतर यहां पर चिकित्सक हैं, हमलोग तो इस संदर्भ में बहुत ज्यादा जानकार व्यक्ति नहीं हैं लेकिन हमलोग ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं और गांव की समस्या को सुनते सुनते लगातार पिछले 20 वर्षों से मैं बिहार विधानसभा में विधायक हूं। खासकर पटना में जहां मरीज आते हैं, सरकारी अस्पताल में भर्ती होने के लिए हमारे पास आते हैं लेकिन 2005 से पहले हमलोगों के पास कोई आदमी बीमार होकर आता था तो सरकारी अस्पताल में भर्ती होने के लिए नहीं आता था, वह प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होने के लिए हमलोगों के पास आता था।

उन्होंने कहा कि आज पटना और बिहार में जो हमारे मेडिकल कॉलेज हैं और जितने बड़े हमारे चिकित्सालय है, हमारे पीएमसीएच का तो मुकाबला लंबे अर्से तक कोई नहीं कर सका। पीएमसीएच से जो हमारे जो स्टूडेंट चिकित्सक पास आउट होते हैं, उनका इस राज्य में बहुत बड़ा महत्व है। उनकी बोर्ड पर एमबीबीएस, पटना लिखा रहता है तो सबसे पहले मरीज उनके पास जाते हैं। आज भी बिहार के किसी इलाके से मरीज आते हैं तो सबसे पहले पीएमसीएच को प्रिफरेंस देते हैं। मरीज आईजीआईएमएस में भी जाते हैं, पटना एम्स में भी जाते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। पहले प्राइवेट अस्पताल में जाने के लिए पैरवी आती थी लेकिन अब सरकारी में जाने के लिए पैरवी आती है। यह हमलोगों के लिए बहुत ही सुखद संदेश है। 

मंत्री ने कहा कि हमारे जो चिकित्सक हैं उनके अंदर भगवान का रूप है। डॉक्टर अगर मरीजों से एक बार अच्छे ढंग से बात कर ले तो मरीजों की आधी बीमारी तो ऐसे ही ठीक हो जाती है लेकिन आजकल देखते हैं कि मरीजों के साथ व्यवहार ठीक ढंग से नहीं होता है। अगर हमारे डॉक्टर्स व्यवहार में थोड़ा बदलाव कर लें तो मरीजों की आधी बीमारी बिना दवा के ही ठीक हो सकती है। सामाजिक स्तर पर भी इन चीजों का थोडा ध्यान देना चाहिए। मुझे विश्वास और भरोसा है कि आप पर जो भरोसा हमारे इलाज कराने वाले लोगों का है, जो गांव से परेशान होकर पटना इलाज कराने आते हैं, थोड़ा सा भी उनके लिए आप अगर सहानूभूति व्यक्त करते हैं तो उनका भरोसा बना रहेगा। अगर लोग आपको भगवान का दूसरा स्वरूप मानते हैं तो निश्चित रूप से जो दुखी और लाचार लोग इलाज के लिए आपके पास आते हैं उनके साथ अच्छा व्यवहार करेंगे।

उन्होंने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य के साथ साथ हर क्षेत्र में विकास हुआ है। कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां बिहार नहीं बदला हो। मेरे पास पिछले 15 साल से ग्रामीण विकास विभाग है और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में जो हमने काम किया है उसका जोड़ा देश का कोई दूसरा राज्य अभी तक नहीं लगा सका है। हमारे सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार जो बिहार के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने जो काम किया है महिलाओं के विकास और तरक्की के लिए, इतना बड़ा कदम देश के किसी राज्य ने नहीं उठाया। 

श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार की महिलाओं के लिए नीतीश कुमार ने 2006 से ही विकास की यात्रा को शुरू किया था वह आज भी जारी है। 11 लाख 88 हजार से ज्यादा स्वयं सहायता समूह बनाया जा चुका है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आपको भी जागरूक करने का काम कर रही हैं। जीविका दीदियां हर क्षेत्र में आज काम कर रही हैं। देश का यह पहला राज्य बिहार है जहां महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बहुत बड़ा कदम नीतीश कुमार ने उठाया। अभी सम्राट चौधरी के नेतृत्व में जो सरकार है वह भी इस काम को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।