भारत छोड़ो नोटिस के खिलाफ इमरान खान ने हाईकोर्ट का किया रुख, एक्टर ने FRRO के नोटिस को दी चुनौती - India TV Hindi

Published on 17 अक्टू॰ 2026

बॉलीवुड एक्टर इमरान खान ने शनिवार, 17 अक्टूबर को बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की। इसमें उन्होंने मुंबई के 'फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर' (FRRO) द्वारा जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। अपनी याचिका में उन्होंने इस नोटिस को मनमाना, बिना किसी ठोस आधार के जारी किया गया और पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि यह 'प्राकृतिक न्याय' के सिद्धांतों के खिलाफ है, क्योंकि इसे जारी करने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का कोई मौका नहीं दिया गया। साथ ही यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के तहत मिले उनके मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन करता है।

इमरान खान को मिला भारत छोड़ो नोटिस

नोटिस में आमिर खान के भांजे इमरान खान को भारत छोड़ने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया गया था। एक्टर इमरान खान का कहना है कि वह 2 साल की उम्र से ही भारत में रह रहे हैं। उन्होंने शनिवार को अपनी याचिका ई-फाइल की। उसी दिन FRRO ने उन्हें एक नया नोटिस 'शो कॉज नोटिस' (कारण बताओ नोटिस)भेजा, जिसमें पूछा गया है कि विदेशियों और OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) से जुड़े कानूनों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

इमरान खान ने FRRO के नोटिस को दी चुनौती

14 अक्टूबर के मूल नोटिस को चुनौती देते हुए, अपनी याचिका में एक्टर इमरान खान ने कहा है कि यह एक दंडात्मक प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसमें उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि यह नोटिस बाहरी दबाव में जारी किया गया है, जिसका मकसद कथित असंतोष को दबाना है। इस याचिका पर संभवतः अगले सोमवार को सुनवाई होगी। याचिका में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत मिलने वाले अधिकार विदेशियों को भी भारत में प्राप्त हैं। इमरान खान ने याचिका में आरोप लगाया है कि उन्हें नोटिस जारी करने से पहले न तो इसकी वजह बताई गई और न ही अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिया गया। उन्हें सीधे नोटिस जारी कर दिया गया।

FRRO नोटिस के खिलाफ इमरान खान की लीगल टीम

मुंबई में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में एक्टर इमरान खान शामिल हुए थे। इसके चार दिन बाद 14 अक्टूबर को ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के तहत आने वाले FRRO अधिकारी ने 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट' (IFA) 2025 के तहत उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया। याचिका में कहा गया है कि यह नोटिस IFA और उसके तहत बने नियमों व आदेशों के कथित उल्लंघन पर आधारित है, जबकि इसमें यह नहीं बताया गया है कि किन विशिष्ट प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इमरान खान का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। MZM लीगल और उनके वकील ज़ुल्फी मेमन, परवेज मेमन और चिराग नाइक के जरिए दायर इस याचिका में हाई कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है ताकि इस नोटिस पर रोक लगाई जा सके। याचिका में कहा गया है कि यदि इस नोटिस को लागू किया जाता है तो यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और भारत के संविधान का मजाक उड़ाने जैसा होगा।

ये भी पढ़ें - 'भारत ने नाम-पैसा दिया, फिर ऐसा क्यों किया?' इमरान खान पर भड़के 'महाभारत' के युधिष्ठिर, बोले- कनून तोड़ा है, परिणाम भुगतना होगा

Latest Bollywood News

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Bollywood से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें मनोरंजन।