Gen-Z कनेक्ट के लिए BJP की नई रणनीति, 14 से 22 साल के युवाओं पर फोकस

Published on 14 अग॰ 2026

Gen-Z कनेक्ट के लिए BJP की नई रणनीति, 14 से 22 साल के युवाओं पर फोकस

Gen-Z कनेक्ट का BJP का प्लान तैयारImage Credit source: PTI (फाइल फोटो)

नीट पेपर लीक के बाद छात्रों के आंदोलन और युवाओं की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बीच बीजेपी ने अपना Gen-Z कनेक्ट प्लान तैयार किया है. पार्टी अब 18 नहीं बल्कि 14 साल की उम्र से युवाओं से संवाद शुरू करेगी. 14 से 22 साल के युवाओं को इस अभियान के दायरे में लाया जाएगा. पार्टी का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में ये उम्र वर्ग राय बनाने और परिवार को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाता है. इसलिए इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर विजुअल कंटेंट और इंटरैक्टिव संवाद पर जोर होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्टिकल वीडियो और सेल्फी फॉर्मेट को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन बीजेपी का Gen-Z कनेक्ट सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सांसद, विधायक, केंद्रीय मंत्री और संगठन के वरिष्ठ नेता कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कोचिंग सेंटर और स्पोर्ट्स क्लब में युवाओं से सीधे संवाद करेंगे.

हालांकि इस संवाद में न पार्टी का झंडा-बैनर होगा, न राजनीतिक मंच और न मीडिया कवरेज. बातचीत परीक्षा, पाठ्यक्रम, प्रतियोगी परीक्षा, रोजगार और करियर जैसे मुद्दों से शुरू होगी. छात्र राजनीतिक सवाल पूछते हैं तो उनका जवाब भी संवाद के आधार पर देने की कोशिश होगी. पार्टी ने ये भी तय किया है कि छात्र अगर अपने मोबाइल से बातचीत रिकॉर्ड करते हैं, तो उन्हें रोका नहीं जाएगा.

पूरे साल लगातार चलेगा ‘Gen-Z कनेक्ट’ अभियान

ये अभियान किसी तय समय तक नहीं, बल्कि पूरे साल लगातार चलेगा. प्रदेश संगठन इसकी निगरानी करेगा और रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी. आईआईटी, आईआईएम और बड़े शोध संस्थानों में स्थानीय सांसदों के साथ केंद्रीय स्तर के नेता संवाद करेंगे. वहीं हर विधानसभा क्षेत्र में युवा टीमों के गठन पर भी जोर है.

कोचिंग संस्थानों पर भी बीजेपी की नजर

बीजेपी की खास नजर कोचिंग संस्थानों पर है. रणनीतिकारों का मानना है कि एक शिक्षक क्लासरूम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हजारों-लाखों युवाओं तक पहुंच सकता है. कोटा, पटना, प्रयागराज, बेंगलुरु, विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम, इन शहरों के बड़े कोचिंग संस्थानों को अभियान के लिए चिन्हित किया गया है. साथ ही संगठन और मंत्रिमंडल में युवा चेहरों को आगे लाकर भविष्य के नेतृत्व की तैयारी भी बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है यानी बीजेपी का फोकस अब सिर्फ युवाओं तक अपना संदेश पहुंचाने पर नहीं, बल्कि उन्हें सुनने और लगातार संवाद बनाए रखने पर है.

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Amod Rai

Amod Rai

21 सालों से राजनीतिक, सामाजिक और पॉलिसी संबंधित विषयों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव। लगातार 2 दशक से बीजेपी, संघ परिवार, संसद और केंद्र सरकार की खबरों पर विशेष निगाह

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