Hariyali Teej Puja Samagri List: हरियाली तीज की पूजा में क्या-क्या सामान चाहिए, बाजार जाने से पहले बहुएं नोट कर लें पूरी लिस्ट

Published on 14 अग॰ 2026

अध्यात्म

  • Authored by: मेधा चावला
  • Updated Aug 14, 2026, 04:20 PM IST

Hariyali Teej Puja Samagri List 2026: हरियाली तीज की पूजा में क्या-क्या सामान चाहिए? यहां देखें शिव-पार्वती पूजन, सुहाग सामग्री, भोग और श्रृंगार के सामान की पूरी लिस्ट।

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हरियाली तीज की पूजा में क्या क्या सामान लगता है, बहुएं देखें पूरी लिस्ट

Hariyali Teej Puja Samagri List: हरियाली तीज की तैयारी केवल हरी साड़ी, चूड़ियों और मेहंदी तक सीमित नहीं होती। पूजा के समय कभी फूल कम पड़ जाते हैं तो कभी माता पार्वती को चढ़ाने के लिए श्रृंगार का कोई सामान छूट जाता है। आखिरी समय की इसी भागदौड़ से बचने के लिए पूजा सामग्री की पूरी सूची पहले तैयार कर लेना बेहतर रहता है।

हरियाली तीज 2026 का व्रत कब है

साल 2026 में हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त, शनिवार को रखा जाएगा। यह पर्व सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। सुहागिन महिलाएं वैवाहिक जीवन की खुशहाली और पति की लंबी उम्र की कामना से व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित लड़कियां भी मनचाहे जीवनसाथी की कामना से हरियाली तीज का पूजन कर सकती हैं।

हरियाली तीज 2026 पूजा सामग्री लिस्ट

पूजा का सामान एक दिन पहले ही किसी थाली या टोकरी में इकट्ठा कर लें। इससे पूजन के बीच बार-बार उठने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पूजा सामग्रीकिस काम आएगी
भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीरमुख्य पूजन के लिए
पूजा की चौकी और साफ कपड़ाप्रतिमा स्थापित करने के लिए
मिट्टी या बालूशिव-पार्वती की प्रतिमा बनाने के लिए, यदि परंपरा हो
कलश और साफ जलकलश स्थापना के लिए
गंगाजलपूजा स्थल और सामग्री के शुद्धिकरण के लिए
रोली, कुमकुम और हल्दीतिलक और पूजन के लिए
अक्षत यानी साबुत चावलभगवान को अर्पित करने के लिए
चंदनशिव-पार्वती को लगाने के लिए
मौली या कलावासंकल्प और रक्षा सूत्र के लिए
जनेऊभगवान शिव को अर्पित करने के लिए
बेलपत्र और धतूराभगवान शिव की पूजा के लिए
फूल और फूलों की मालाप्रतिमा के श्रृंगार के लिए
दूर्वा और आम के पत्तेपूजन तथा कलश सजाने के लिए
धूप, अगरबत्ती और कपूरपूजा एवं आरती के लिए
घी या तेल का दीपक, रुई की बत्तीदीप जलाने के लिए
दूध, दही, घी, शहद और शक्करपंचामृत तैयार करने के लिए
फल, मिठाई और घेवरभोग लगाने के लिए
पान, सुपारी और लौंग-इलायचीपूजा में अर्पित करने के लिए
दक्षिणापूजा या दान के लिए
हरियाली तीज व्रत कथा की पुस्तककथा पढ़ने या सुनने के लिए
आरती की थाली और घंटीपूजा के समापन के लिए

माता पार्वती के लिए सुहाग का सामान

हरियाली तीज पर माता पार्वती को सुहाग और श्रृंगार का सामान चढ़ाने की परंपरा है। जरूरी नहीं कि बाजार से बहुत महंगा सामान ही खरीदा जाए। अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार छोटी-छोटी चीजें भी रखी जा सकती हैं।

श्रृंगार की थाली में ये सामान शामिल करें

यदि इनमें से सभी चीजें उपलब्ध न हों तो चुनरी, सिंदूर, मेहंदी, बिंदी और चूड़ी रखकर भी श्रृंगार की थाली तैयार की जा सकती है। पूजा का भाव अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

हरियाली तीज पर भोग में क्या रखें

हरियाली तीज का नाम आते ही घेवर याद आता है। घेवर के अलावा मालपुआ, खीर, पूरी-हलवा या घर में बनी कोई सात्विक मिठाई भी भोग में रखी जा सकती है। मौसमी फल, नारियल और मखाने भी चढ़ाए जा सकते हैं।

कई परिवारों में मायके से सिंधारा आता है। इसमें घेवर, मिठाई, कपड़े, चूड़ियां, मेहंदी और श्रृंगार की चीजें दी जाती हैं। हालांकि यह पूजा का अनिवार्य नियम नहीं, बल्कि परिवार और क्षेत्र के अनुसार निभाई जाने वाली प्यारी-सी परंपरा है।

हरियाली तीज पूजा की तैयारी कैसे करें

पूजा से पहले घर और पूजा की जगह साफ कर लें। चौकी पर लाल या हरा साफ कपड़ा बिछाकर शिव-पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें। कुछ घरों में महिलाएं मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमाएं बनाती हैं। आपके परिवार में ऐसी परंपरा न हो तो तस्वीर या तैयार प्रतिमा से पूजा की जा सकती है।

सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करें। माता को चुनरी और श्रृंगार का सामान अर्पित करें। भगवान शिव को बेलपत्र, फूल और जल चढ़ाएं। फिर हरियाली तीज की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और आखिर में आरती करें।

बाजार जाने से पहले यह छोटी चेकलिस्ट जरूर देखें

पूजा सामग्री को चार हिस्सों में बांटकर खरीदारी करें- सामान भूलने की आशंका काफी कम हो जाएगी।

  1. मुख्य पूजा: प्रतिमा, चौकी, कलश, रोली, अक्षत, मौली और दीपक
  2. शिव पूजन: जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, चंदन और जनेऊ
  3. माता का श्रृंगार: चुनरी, सिंदूर, मेहंदी, चूड़ी और बिंदी
  4. भोग और कथा: फल, मिठाई, घेवर, नारियल और व्रत कथा पुस्तक

पूजा की सूची परिवार की परंपरा और स्थानीय रीति के अनुसार थोड़ी बदल सकती है। इसलिए बाजार जाने से पहले घर की किसी बड़ी महिला से भी जरूर पूछ लें।

Medha Chawla

मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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