Hayatun Nisha कौन थी? लाश के 18 टुकड़े, कुकर में पकाया-कुछ ट्रेन में फेंके, 25 दिन बाद खुला भयानक मौत का राज

Published on 30 अग॰ 2026

Time Published: Sunday, August 30, 2026, 14:45 [IST]

Hayatun Nisha Murder Case: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर 5 अगस्त को तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच के सूटकेस मर्डर केस का खौफनाक राज करीब 25 दिन बाद उजागर हुआ। बैग के अंदर मिले मानव शरीर के टुकड़ों की पहचान ओडिशा की 38 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में हुई है।

जांच की कड़ियां आगरा से करीब 2 हजार किलोमीटर दूर चेन्नई के गुडुवांचेरी तक पहुंचीं। पुलिस के मुताबिक, निशा की हत्या गुडुवांचेरी के एक किराए के मकान में की गई थी। शव के करीब 18 टुकड़े किए गए और उनके कुछ हिस्सों को सूटकेस में भरकर तमिलनाडु एक्सप्रेस में रख दिया गया। बाकी टुकड़ों को घर में ही छिपाकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।

who-was-hayatun-nisha-body-chopped

अब इस मामले में मुख्य संदिग्ध 22 वर्षीय माणिक उद्दीन लस्कर (Manik Uddin Laskar)को गिरफ्तार कर लिया गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, उसकी साथी भगवती माजी (Bhagawati Maju) को भी मणिपुर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर हत्या की वजह और वारदात की पूरी कहानी जानने में जुटी है। आइए विस्तार से एक-एक कड़ी को खोलते हैं...

Who Was Hayatun Nisha: कौन थीं हयातुन निशा?

हयातुन निशा मूल रूप से ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली थीं। उनकी उम्र 38 साल बताई गई है। वह चेन्नई में एक निजी कंपनी में काम करती थीं और गुडुवांचेरी इलाके में रह रही थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, वह अपने पति और परिवार से अलग रह रही थीं। उनका एक बेटा भी था। निशा के लापता होने के बाद परिवार की ओर से गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी दौरान दूसरी तरफ आगरा कैंट स्टेशन से मिले शव के टुकड़ों की पहचान करने की कोशिश चल रही थी।

5 अगस्त को ट्रेन में मिला लाल सूटकेस

5 अगस्त को चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस आगरा कैंट स्टेशन (Tamil Nadu Express Agra Railway Station) पहुंची। जनरल कोच में एक लाल सूटकेस लावारिस हालत में मिला। सूटकेस खोला गया तो उसके अंदर महिला के शरीर के कटे हुए हिस्से मिले। इसके बाद आगरा जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पहले कई दिनों तक यह पता नहीं चल पाया कि महिला कौन थी और उसकी हत्या कहां हुई। जांच आगे बढ़ी तो चेन्नई कनेक्शन सामने आया।

350 CCTV ने पहुंचाया चेन्नई के गुडुवांचेरी तक

जांच के दौरान पुलिस ने चेन्नई रेलवे स्टेशन समेत कई जगहों के CCTV फुटेज खंगाले। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की गई। चेन्नई सेंट्रल के प्लेटफॉर्म नंबर 4 की फुटेज में एक युवक और युवती लाल ट्रॉली बैग के साथ नजर आए। इसी सुराग ने पुलिस को गुडुवांचेरी के एक किराए के मकान तक पहुंचाया।

इसी घर में हुई थी हत्या?

पुलिस की जांच में सामने आया कि हयातुन निशा का संबंध गुडुवांचेरी के उस किराए के मकान से था। वहां असम का रहने वाला माणिक उद्दीन लस्कर और ओडिशा की भगवती माजी भी रहते थे।

पुलिस को शक है कि निशा की हत्या इसी मकान में की गई। तलाशी के दौरान वहां शरीर के अन्य हिस्सों और एक बर्तन में निशा सिर और कुछ अन्य अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई। मृतका के शरीर के हिस्सों को मैदा और सब्जियों के साथ पकाकर नष्ट करने की कोशिश की गई।

लाश के 18 टुकड़े क्यों किए गए?

जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद शव को करीब 18 हिस्सों में काटा गया। इसके बाद आरोपियों ने शव के हिस्सों को अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की। कुछ हिस्से लाल सूटकेस में रखकर ट्रेन में छोड़ दिए गए, जबकि बाकी अवशेषों को गुडुवांचेरी के मकान में छिपाने की कोशिश की गई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शव को काटने और अलग-अलग जगहों पर रखने की पूरी योजना कैसे बनाई गई थी।

Hayatun Nisha Murder Reason: क्यों की गई हयातुन निशा की हत्या?

पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे रिश्तों का विवाद सामने आया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, हयातुन निशा और माणिक उद्दीन लस्कर के बीच कथित संबंध थे। माणिक की साथी भगवती माजी को इस रिश्ते के बारे में पता चलने के बाद विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने बाद में हत्या का रूप लिया। हालांकि, यह हत्या का प्रारंभिक पुलिस एंगल है। अंतिम वजह और वारदात में दोनों की भूमिका पूछताछ व जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा।

25 दिन बाद गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी

मामले की जांच आगरा से चेन्नई तक पहुंचने के बाद पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। माणिक उद्दीन लस्कर को मणिपुर से गिरफ्तार किया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, उसकी साथी भगवती माजी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

दोनों को चेन्नई लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या कब और कैसे हुई, शव के कितने हिस्से किए गए, ट्रॉली बैग ट्रेन तक कौन लेकर गया और शव के बाकी हिस्सों को कैसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी।

बेटे की शिकायत से भी मिली जांच को दिशा

रिपोर्टों के मुताबिक, निशा के बेटे ने 21 अगस्त को गुडुवांचेरी स्थित घर पहुंचकर मां के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ। इसी दौरान आगरा में मिले शव के टुकड़ों की जांच और चेन्नई के CCTV सुराग एक-दूसरे से जुड़ते गए। इस तरह करीब 25 दिन बाद पुलिस उस मकान तक पहुंची, जहां हत्या किए जाने का शक है।

Hayatun Nisha Murder Case Timeline: आगरा से चेन्नई तक ऐसे खुला पूरा राज

  • 5 अगस्त: तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच से लाल सूटकेस मिला।
  • इसके बाद: बैग से महिला के शरीर के कटे हुए हिस्से बरामद हुए और आगरा जीआरपी ने जांच शुरू की।
  • जांच के दौरान: CCTV फुटेज से चेन्नई कनेक्शन मिला।
  • करीब 19-25 दिन की जांच: पुलिस गुडुवांचेरी के किराए के मकान तक पहुंची।
  • 21 अगस्त के आसपास: निशा के बेटे ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
  • बाद की तलाशी: मकान से शव के अन्य अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई।
  • अब: माणिक उद्दीन लस्कर और भगवती माजी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हत्या की वजह और पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ रही है।