Hazaribagh News: जापानी पर्यटकों ने किया सोहराई कला लघु उत्पादन इकाई का भ्रमण

Published on 21 अग॰ 2026

Hazaribagh News: जापान से आए पांच विदेशी पर्यटकों ने हजारीबाग में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा संचालित सोहराई कला महिला विकास समिति की लघु उत्पादन इकाई का भ्रमण किया. इस दौरान जापानी पर्यटकों ने झारखंड की प्रसिद्ध सोहराई एवं कोहवर कला को करीब से जाना और स्थानीय महिला आर्टिजनों द्वारा तैयार कलाकृतियों की जमकर सराहना की.

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भ्रमण के दौरान सोहराई कला आर्टिजनों ने पारंपरिक सोहराई गीत गाकर जापान से आए अतिथियों का स्वागत किया. विदेशी पर्यटकों ने कलाकारों द्वारा तैयार सोहराई एवं कोहवर पेंटिंग को देखा तथा उनकी कला एवं रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए सोहराई पेंटिंग की खरीदारी भी की.

इस दौरान जापानी पर्यटकों ने स्वयं भी सोहराई पेंटिंग बनाकर इस पारंपरिक कला की बारीकियों को समझने का प्रयास किया. उन्होंने स्थानीय कलाकारों से सोहराई कला की तकनीक, इसकी परंपरा एवं सांस्कृतिक महत्व के संबंध में जानकारी प्राप्त की.

मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा सोहराई कला के लिए उपलब्ध कराई गई लघु उत्पादन इकाई, सोहराई पेंटिंग टूलकिट एवं पेंटिंग सामग्री से स्थानीय सोहराई कला आर्टिजनों को एक बेहतर मंच एवं कार्य का अवसर प्राप्त हुआ है. इससे कलाकारों को अपनी पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने के साथ-साथ बाजार तक पहुंच बनाने में भी सहायता मिल रही है.

जापान से आए पर्यटक सोहराई कला महिला विकास समिति की सचिव श्रीमती अल्का इमाम एवं श्री ऐदम इमाम के निमंत्रण पर भारत आए थे. उनका विशेष उद्देश्य हजारीबाग की प्रसिद्ध सोहराई कला को करीब से देखना तथा यहां की संस्कृति एवं सभ्यता को समझना था. हजारीबाग की कला, संस्कृति एवं कलाकारों की रचनात्मकता से प्रभावित होकर जापानी अतिथियों ने प्रसन्नता व्यक्त की.

इस अवसर पर जापानी पर्यटकों ने जापान में सोहराई कला की प्रदर्शनी आयोजित कराने तथा स्थानीय आर्टिजनों को जापान आमंत्रित करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि इससे झारखंड की इस समृद्ध पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार में मदद मिलेगी.

सोहराई कला के माध्यम से हजारीबाग की स्थानीय संस्कृति का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचना न केवल जिले के कलाकारों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा, बल्कि झारखंड की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

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