80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सूचना निदेशक विशाल सिंह ने अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 80 वर्ष का कालखंड किसी राष्ट्र के लिए उसकी तरुणावस्था होता है। आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है और इस युवा ऊर्जा को सही दिशा देकर कुशल बनाने के साथ प्रशासनिक स्तर पर त्वरित व समावेशी विकास को धरातल पर उतारना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।
सूचना निदेशक विशाल सिंह ने कहा कि राष्ट्र की युवावस्था अपने साथ असीम ऊर्जा, उत्साह और बहुत सारी अपेक्षाएं लेकर आती है।
- Published: 15 Aug 2026, 10:34 AM IST
- Last Updated: 15 Aug 2026, 10:34 AM IST
80वें स्वतंत्रता दिवस पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सूचना निदेशक विशाल सिंह ने ध्वजारोहण कर सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र निर्माण में युवाओं व प्रशासनिक तंत्र की भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि मानव जीवन के संदर्भ में 80 वर्ष की आयु भले ही अधिक मानी जाए, लेकिन किसी जीवंत राष्ट्र के इतिहास और यात्रा के परिप्रेक्ष्य में यह उसकी वास्तविक तरुणावस्था और नई ऊर्जा का दौर है। आज का भारत दुनिया का सबसे युवा देश बनकर वैश्विक पटल पर उभर रहा है और 'Gen Z' की तरह असीम गतिशीलता व जीवंतता का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
— Abhishek Yadav (@iabhiy) August 15, 2026
युवा ऊर्जा को सही दिशा और कौशल विकास की अनिवार्यता
सूचना निदेशक ने कहा कि राष्ट्र की युवावस्था अपने साथ असीम ऊर्जा, उत्साह और बहुत सारी अपेक्षाएं लेकर आती है। यह जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) देश के लिए एक बहुत बड़ा सुअवसर है, लेकिन साथ ही इसे सकारात्मक रूप से संभालना एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस विशाल युवा शक्ति को सही दिशा में लगाना बेहद जरूरी है। इसके लिए नई पीढ़ी को भविष्य की तकनीकी और वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप दक्ष, प्रशिक्षित और कुशल बनाना समय की सबसे बड़ी मांग है।
फुर्तीली कार्यशैली और कर्तव्य बोध के साथ काम करने का आह्वान
युवा भारत की तेजी से बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्होंने कार्यसंस्कृति में बड़े बदलाव की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए प्रशासनिक तंत्र से लेकर व्यक्तिगत स्तर तक सभी को अधिक फुर्तीला, सक्रिय और तत्पर होकर कार्य करना होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए त्वरित निर्णय लेने और जनहित के कार्यों को बिना किसी विलंब के पूरा करने की दिशा में निरंतर समर्पित रहना चाहिए।
समावेशी और सतत विकास के विजन को धरातल पर उतारने का संकल्प
विशाल सिंह ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश की नीतियां सतत विकास और समावेशी विकास के मजबूत स्तंभों पर आधारित हैं। सूचना विभाग की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह शासन की इन लोककल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता व प्रभावी ढंग से पहुंचाए।
सामूहिक प्रयास से प्रदेश और देश निर्माण में योगदान
समारोह के समापन पर सूचना निदेशक ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में सूचना विभाग और समूचा प्रदेश जनआकांक्षाओं पर पूरी निष्ठा के साथ खरा उतरेगा। उन्होंने सभी उपस्थितजनों से सामूहिक प्रयास और पूर्ण समर्पण के साथ राष्ट्र के नवनिर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेकर देशभक्ति के रंग भरने वाले बच्चों और कलाकारों के प्रति विशेष आभार भी प्रकट किया।