इंदौर की बाणगंगा पुलिस ने मानव तस्करी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को बचाया है। गिरोह फर्जी दस्तावेज बनाकर नाबालिगों की शादी कराता था और लाखों रुपये वसूलता था।
इंदौर में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा
- Published: 04 Aug 2026, 10:46 AM IST
- Last Updated: 04 Aug 2026, 10:46 AM IST
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में मानव तस्करी के एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बाणगंगा थाना पुलिस ने एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग लड़कियों को झांसे में लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और उनकी नकली शादी करवाकर मोटी रकम वसूलता था।
बेटी के लापता होने की शिकायत
मामले का खुलासा तब हुआ जब नाबालिग की मां ने बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्य और पीड़िता के बयान के आधार पर पूरे गिरोह की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक आरोपी नाबालिग को बेहतर जीवन, लाखों रुपये और घर दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। एसीपी के अनुसार, मुख्य आरोपी संजय उर्फ संजू यादव और रामविलास उर्फ राकेश यादव ने पीड़िता की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाया। आरोपियों ने उसे फर्जी शादी के बदले लाखों रुपये मिलने का झांसा दिया और पूरी साजिश रची।
फर्जी पहचान पत्र तैयार किए
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लड़की की जन्मतिथि बदलकर उसे बालिग दिखाने के लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार किए। इसके बाद गिरोह के सदस्य खुद को लड़की की मां, मामा और अन्य रिश्तेदार बताकर शादी की पूरी प्रक्रिया में शामिल हुए। आरोपियों ने रतलाम जिले के बरावदा निवासी संजू पाटीदार और उसके पिता नंदराम पाटीदार से लड़की की वास्तविक उम्र छिपाई। करीब 3 लाख रुपये में शादी तय कर नाबालिग को दूल्हे के घर भेज दिया गया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पीछा
इस बीच लड़की की मां की शिकायत पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पीछा किया। पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी लड़की को वापस इंदौर लेकर आए। इसके बाद पीड़िता ने अपनी मां और पुलिस को पूरी आपबीती बताई। पुलिस ने इस मामले में संजय उर्फ संजू यादव, रामविलास उर्फ राकेश यादव, दूल्हा संजू पाटीदार और उसके पिता नंदराम पाटीदार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सोनू बंजारा, किशोर चौहान, कच्छूलाल गुर्जर, लालसिंह गुर्जर और बाबू दादा सहित पांच अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से कई लड़कियों के वीडियो और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह पहले भी कई नाबालिग और युवतियों की फर्जी शादियां करा चुका है। मामले के अंतरराज्यीय नेटवर्क, दस्तावेजों की जालसाजी और आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह लड़कियों को शादी के बाद कुछ दिन ससुराल में रहने की ट्रेनिंग देता था। इसके बाद वे जेवर और कीमती सामान लेकर फरार हो जाती थीं। यदि पीड़ित परिवार पुलिस के पास जाता था तो गिरोह उन पर दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देता था।