इन्फोसिस इस साल सभी कर्मचारियों को सैलरी हाइक नहीं देगी। सिर्फ योग्य कर्मचारियों को अक्टूबर से बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी। कंपनी 20,000 फ्रेशर्स को नौकरी देगी और आशीष कुमार दाश 2027 में नए CEO बनेंगे।
नई दिल्लीः देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने इस साल अपनी सैलरी हाइक पॉलिसी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। कंपनी इस बार अपने सभी कर्मचारियों को इंक्रीमेंट नहीं देगी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ योग्य कर्मचारियों को ही अगले दो महीनों के अंदर सैलरी हाइक का फायदा मिलेगा। कंपनी ने यह घोषणा जून तिमाही के नतीजे जारी करने के साथ की है।
अक्टूबर से मिलेगी सैलरी हाइक
इन्फोसिस के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सलिल पारेख ने बताया कि सालाना सैलरी हाइक को किस्तों में लागू किया जाएगा। ज्यादातर योग्य कर्मचारियों को अक्टूबर तक बढ़ी हुई सैलरी मिल जाएगी, जबकि कुछ कर्मचारियों को इसके बाद इंक्रीमेंट मिलेगा। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया है कि सैलरी में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। यह बढ़ोतरी पिछले सालों की तरह ही कर्मचारियों के प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर होगी।
सभी को नहीं मिलेगा फायदा
इन्फोसिस ने साफ कर दिया है कि सैलरी में बदलाव सिर्फ 'योग्य' कर्मचारियों के लिए है। हालांकि कंपनी ने योग्यता के पैमाने का खुलासा नहीं किया है, लेकिन आमतौर पर आईटी कंपनियां परफॉर्मेंस, जॉब की जिम्मेदारी, सर्विस की अवधि और बिजनेस की जरूरतों के आधार पर यह तय करती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीनियर अधिकारियों को इस साल अक्टूबर में सैलरी हाइक नहीं मिलेगी। उन्हें जनवरी 2027 में बढ़ी हुई सैलरी मिलने की उम्मीद है।
20,000 फ्रेशर्स को मिलेगी नौकरी
इन्फोसिस नए टैलेंट को कंपनी में शामिल करने पर भी फोकस कर रही है। कंपनी की योजना इस कारोबारी साल में 20,000 फ्रेशर्स को नौकरी देने की है। पहली तिमाही में ही कंपनी 4,000 से ज्यादा फ्रेशर्स को हायर कर चुकी है। हालांकि, इस दौरान कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या में मामूली गिरावट आई है। 30 जून तक कंपनी में 3,28,062 कर्मचारी थे, जो मार्च के अंत में 3,28,594 थे। वहीं, नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर भी 12.6% से बढ़कर 13% हो गई है।
नए CEO का हुआ ऐलान
इन्फोसिस ने कंपनी में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन की भी घोषणा की है। फिलहाल एनर्जी बिजनेस को लीड कर रहे आशीष कुमार दाश को नया CEO-डेजिग्नेट (भावी CEO) बनाया गया है। वह मौजूदा CEO सलिल पारेख का कार्यकाल खत्म होने के बाद अप्रैल 2027 में यह पद संभालेंगे। इस बीच, कंपनी ने इस कारोबारी साल के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 3.5% से घटाकर 3% कर दिया है।
AI सर्विसेज की बढ़ी डिमांड
जून में खत्म हुई तिमाही में इन्फोसिस की कमाई 48,211 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की तुलना में 14% ज्यादा है। हालांकि, यह बाजार की उम्मीदों से थोड़ा कम है क्योंकि AI टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों के कारण कई क्लाइंट्स अपने खर्चों पर लगाम लगा रहे हैं। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित सेवाएं इन्फोसिस के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया बन रही हैं। दिसंबर तिमाही में AI सर्विसेज का हिस्सा 5.5% था, जो अब बढ़कर 8.2% हो गया है। कंपनी ने यह भी बताया कि इस तिमाही में उसे 360 करोड़ डॉलर के बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं।
TCS से तुलना
इन्फोसिस की इस घोषणा से कुछ महीने पहले ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने भी अपने योग्य कर्मचारियों को सैलरी हाइक दी थी। वहां भी बढ़ोतरी परफॉर्मेंस के आधार पर की गई थी। हालांकि, कुछ कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव के कारण उनकी रिवाइज्ड सैलरी कागजों पर कम दिख रही है। इस पर TCS ने सफाई दी थी कि कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में कोई कमी नहीं आई है।
देश की दोनों बड़ी आईटी कंपनियां, इन्फोसिस और TCS, कर्मचारियों के फायदों, क्लाइंट्स के घटते खर्च और AI में बढ़ते निवेश के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।