धूत ट्रांसमिशन का IPO आया, 829 से 871 रुपये तय हुआ प्राइस बैंड, जानें निवेश की पूरी डिटेल| Navbharat Live

Published on 4 अग॰ 2026

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सार

Dhoot Transmission IPO: वर्ष 1998 में स्थापित धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड ऑटोमोटिव सहित कई उद्योग क्षेत्रों के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल सिस्टम बनाने वाली एक प्रमुख निर्माता है।

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धूत ट्रांसमिशन का IPO, (सोर्स- नवभारत ब्यूरो)

विस्तार

Dhoot Transmission IPO Latest Update: एकीकृत इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स की वैश्विक निर्माता कंपनी धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का 3 ,067 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निर्गम (IPO) सोमवार 10 अगस्त को खुलेगा और बुधवार 12 अगस्त 2026 को बंद होगा। तीन दशक पुरानी इस अग्रणी कंपनी के आईपीओ में दो रुपये फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयरों का मूल्य दायरा 829 से 871 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इस आईपीओ में 1.61 करोड़ इक्विटी शेयरों का 1400 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू तथा प्रमोटर शेयरधारक बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट और मंगलम कैपिटल द्वारा 1.91 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है।

आईपीओ में लॉट साइज 17 शेयरों की रहेगी। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई में 17 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है। मुंबई में आईपीओ की घोषणा के मौके पर धूत ट्रांसमिशन के प्रबंध निदेशक राहुल धूत, सीईओ नवीन कुमार, सीएफओ नितिन कुमार कालानी तथा मर्चेंट बैंकर एक्सिस कैपिटल व जेफरीज इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

70% हिस्सेदारी के साथ मार्केट लीडर

वर्ष 1998 में स्थापित धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड ऑटोमोटिव सहित कई उद्योग क्षेत्रों के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाने वाली एक प्रमुख निर्माता है। कंपनी भारत के टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर वायरिंग हार्नेस मार्केट में शीर्ष 2 कंपनियों में से एक है, जिसकी मार्केट हिस्सेदारी 41% है। जबकि यह इलेक्ट्रिक टू और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में तो 70% हिस्सेदारी के साथ मार्केट लीडर है। कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भारत के अलावा ब्रिटेन, स्लोवाकिया, थाइलैंड, दक्षिण कोरिया और जापान में हैं।

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4500 करोड़ के पार कारोबार

धूत ट्रांसमिशन ने विगत वर्षों में तेज ग्रोथ दर्ज की है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का कारोबार 2799 करोड़ था, जो वर्ष 2026 में 63% बढ़कर 4564 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह शुद्ध लाभ 299 करोड़ से 33 प्रतिशत बढ़कर 397 करोड़ रुपये हो गया और ईपीएस 21 रुपये रही। कंपनी अब आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग कर्ज भुगतान के लिए करेगी, ताकि लाभप्रदता बढ़ सके। इसके साथ ही अपने उत्पादों की बढ़ती मांग को देख हरियाणा और तमिलनाडु में 2 नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगा रही है।

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