इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख नजदीक है, इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले सही आईटीआर फॉर्म चुनने, सभी आय की जानकारी देने और फॉर्म-16, 26AS और एआईएस से डेटा मिलाने की जांच जरूर करें।
income tax return deadline
- Published: 28 Jul 2026, 04:35 PM IST
- Last Updated: 28 Jul 2026, 04:35 PM IST
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख नजदीक आते ही बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स रिटर्न दाखिल करने की तैयारी में जुट जाते। समय कम होने के कारण कई लोग जल्दबाजी में आईटीआर फाइल कर देते हैं। लेकिन इस दौरान छोटी-सी गलती भी रिटर्न प्रोसेस होने में देरी कर सकती।
इतना ही नहीं, कुछ मामलों में इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस भी आ सकता, इसलिए ITR दाखिल करने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच कर लेना बेहद अहम है। आइए डिटेल में जानते हैं।
सही रिटर्न फॉर्म चुनें
आईटीआर फाइल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी आय किस तरह की है। सैलरी, बिजनेस, फ्रीलांसिंग, कैपिटल गेन या अन्य स्रोतों के आधार पर सही आईटीआर फॉर्म चुनें। गलत फॉर्म में रिटर्न दाखिल करने पर इसकी प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है।
आय का कोई स्रोत न छूटे
आईटीआर में अपनी सभी इनकम की जानकारी दें। इसमें सैलरी के अलावा बैंक अकाउंट का ब्याज, एफडी से हुई आय, किराये की कमाई, कैपिटल गेन, फ्रीलांसिंग या बिजनेस इनकम भी शामिल है। किसी आय को छिपाने या गलती से छोड़ने पर टैक्स विभाग की ओर से सवाल या नोटिस आ सकता है।
पैन-आधार और बैंक डिटेल चेक करें
रिटर्न जमा करने से पहले पैन कार्ड, आधार, नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जानकारी जांच लें। बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएसी कोड भी सही होना चाहिए, ताकि रिफंड में परेशानी न हो।
फॉर्म 16 और टैक्स रिकॉर्ड से मिलान करें
इनकम टैक्स रिटर्न में दर्ज आय और टैक्स की जानकारी को फॉर्म-16, फॉर्म-26एएस, एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इनफॉर्मेशन समरी (TIS) से जरूर मिलाएं। फॉर्म-16 में सैलरी और नियोक्ता द्वारा काटे गए टीडीएस की जानकारी होती है, जबकि फॉर्म 26एएस में पैन से जुड़े टैक्स क्रेडिट का विवरण मिलता है।
एआईएस और फॉर्म 26एएस में अंतर हो तो सुधार करें
टीडीएस, टैक्स भुगतान और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट और Form 26AS में दर्ज हो सकती। आईटीआर फाइल करने से पहले किसी भी मिसमैच को जांचें और जरूरत होने पर संबंधित जानकारी को सही कराएं।
टैक्स छूट के सही दस्तावेज जमा करें
अगर आप टैक्स छूट या कटौती के लिए पात्र हैं, तो निवेश, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, एनपीएस योगदान, होम लोन ब्याज का सही तरीके से दावा करें। सिर्फ उन्हीं डिडक्शन को क्लेम करें, जिनके वैध दस्तावेज या प्रमाण आपके पास मौजूद हों। वहीं, अगर टैक्स कैलकुलेशन के बाद कोई अतिरिक्त टैक्स बनता है, तो आईटीआर फाइल करने से पहले उसका भुगतान करें। टैक्स चालान की जानकारी भी सही तरीके से दर्ज करना जरूरी है।
आखिरी समय में जल्दबाजी करने के बजाय रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी दस्तावेज और टैक्स रिकॉर्ड को दोबारा जांचना बेहतर है। सही फॉर्म, पूरी आय और सटीक जानकारी के साथ रिटर्न फाइल करने से प्रोसेसिंग में देरी और अनावश्यक टैक्स नोटिस की संभावना को कम किया जा सकता।
(प्रियंका कुमारी)