Jairam Mahato News : बरवड्डा थाना प्रभारी से कथित विवाद पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन का विरोध, गिरिडीह में प्रेस वार्ता कर जताई नाराजगी

Published on 31 अग॰ 2026

Jairam Mahato News : विधायक जयराम महतो पर थाना प्रभारी से कथित तौर पर अमर्यादित भाषा में बातचीत का आरोप, पुलिस लाइन में झारखंड पुलिस एसोसिएशन की गिरिडीह शाखा ने कहा—पुलिसकर्मियों की गरिमा और सम्मान से समझौता नहीं

Jairam Mahato News : डुमरी विधायक जयराम महतो और धनबाद के बरवड्डा थाना प्रभारी के बीच कथित विवाद को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन की गिरिडीह शाखा ने कड़ा विरोध जताया है। सोमवार को गिरिडीह पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विधायक के कथित अमर्यादित व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की और पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के सम्मान, गरिमा और मनोबल की रक्षा की मांग की।

Jairam Mahato News: डुमरी विधायक जयराम महतो और धनबाद जिले के बरवड्डा थाना प्रभारी के बीच कथित तौर पर हुए विवाद को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन की गिरिडीह शाखा ने सोमवार को कड़ा विरोध दर्ज कराया। एसोसिएशन की ओर से गिरिडीह पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता आयोजित कर इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी गई। प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार का कथित अपमानजनक या अमर्यादित व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मामले को लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुटता दिखाई। संगठन ने स्पष्ट कहा कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और ऐसे में उनकी गरिमा, सम्मान और मनोबल की रक्षा करना जरूरी है।

सोमवार को करीब 4 बजे गिरिडीह पुलिस लाइन में झारखंड पुलिस एसोसिएशन की गिरिडीह शाखा की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवड्डा थाना प्रभारी के बीच कथित विवाद को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि और पुलिस पदाधिकारी के बीच मतभेद या किसी मुद्दे को लेकर बातचीत होना अलग बात है, लेकिन कथित तौर पर मर्यादा से परे भाषा का प्रयोग किया जाना पुलिस विभाग की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थाओं की अपनी जिम्मेदारियां हैं, इसलिए आपसी संवाद में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।

प्रेस वार्ता के दौरान एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर प्रदेश संगठन के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि गिरिडीह शाखा भी इस मामले में पूरी तरह से प्रदेश संगठन के साथ खड़ी है।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन की गिरिडीह शाखा के सचिव भरत सिंह सिकरियाल और उपाध्यक्ष सत्येंद्र पासवान ने कहा कि दूरभाष पर थाना प्रभारी के साथ जिस तरह की कथित भाषा का प्रयोग किया गया, वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारी भी अपनी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के तहत काम करते हैं।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी कई तरह के दबाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपनी ड्यूटी करते हैं। अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, जनता की सुरक्षा और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई जैसी जिम्मेदारियां पुलिसकर्मियों के कंधों पर होती हैं। ऐसे में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।

पदाधिकारियों ने कथित घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। संगठन पुलिस बल के सदस्यों के अधिकारों, गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा अपनी आवाज उठाता रहेगा।

प्रेस वार्ता में संगठन की ओर से कहा गया कि पुलिसकर्मी बिना किसी निश्चित समय सीमा के अक्सर दिन-रात ड्यूटी करते हैं। त्योहार हो, राजनीतिक कार्यक्रम हो, चुनावी गतिविधियां हों, वीआईपी सुरक्षा हो या फिर किसी अपराध अथवा आपात स्थिति का मामला—पुलिसकर्मियों को हर परिस्थिति में तत्पर रहना पड़ता है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और कानून का राज कायम रखने में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए पुलिसकर्मियों के मनोबल को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। यदि पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है, तो इसका असर उनके मनोबल पर पड़ सकता है।

संगठन ने कहा कि पुलिसकर्मियों के सम्मान की रक्षा केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज और जनप्रतिनिधियों सहित सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे पुलिस के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार करें।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन पहले ही इस मामले में अपना विरोध दर्ज करा चुका है। गिरिडीह शाखा ने भी प्रदेश स्तर पर संगठन द्वारा अपनाए गए रुख का पूर्ण समर्थन किया है।

पदाधिकारियों के अनुसार, यह केवल किसी एक थाना प्रभारी या एक अधिकारी से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि पुलिस बल के समग्र सम्मान और गरिमा से जुड़ा मामला है। इसलिए संगठन ने इस विषय पर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की है।

उन्होंने कहा कि जब भी किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी के सम्मान और मनोबल से जुड़ा कोई मामला सामने आएगा, झारखंड पुलिस एसोसिएशन उसके पक्ष में मजबूती से अपनी बात रखेगा। संगठन का उद्देश्य किसी के साथ व्यक्तिगत टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि पुलिस विभाग की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना है।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन की गिरिडीह शाखा के पदाधिकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनहित के लिए आवश्यक है। जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को उठाते हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन उन समस्याओं के समाधान तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाते हैं।

संगठन के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच संवाद और समन्वय जरूरी है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में बातचीत की मर्यादा और संस्थागत सम्मान कायम रहना चाहिए। यदि किसी कार्रवाई या निर्णय को लेकर मतभेद है, तो उसे उचित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से रखा जा सकता है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी कानून के दायरे में रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। इसलिए उनके साथ बातचीत के दौरान भी उनके पद और संस्थान की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।

प्रेस वार्ता में बार-बार पुलिसकर्मियों के मनोबल का मुद्दा उठाया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस बल का मनोबल मजबूत रहने पर ही वह प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकता है।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को अक्सर कठिन परिस्थितियों में फैसले लेने पड़ते हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों के बीच उन्हें लगातार काम करना पड़ता है।

ऐसे में पुलिसकर्मियों को सम्मानजनक कार्य वातावरण मिलना चाहिए। एसोसिएशन ने कहा कि पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कथित व्यवहार के खिलाफ संगठन अपनी बात मजबूती से रखेगा।

गिरिडीह पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी और पुलिस विभाग के सम्मान की रक्षा के लिए संगठनात्मक स्तर पर मजबूती से पक्ष रखने की बात कही।

संगठन ने कहा कि पुलिसकर्मियों की गरिमा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। भविष्य में भी यदि पुलिस बल के सम्मान और अधिकारों से संबंधित कोई मुद्दा सामने आता है तो एसोसिएशन उचित मंच पर अपनी बात रखेगा।

डुमरी विधायक जयराम महतो और धनबाद के बरवड्डा थाना प्रभारी के बीच कथित विवाद अब पुलिस एसोसिएशन की नाराजगी के बाद चर्चा में है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन की गिरिडीह शाखा ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के सम्मान व गरिमा की रक्षा संगठन की प्राथमिकता है।

संगठन ने कथित अमर्यादित व्यवहार का विरोध करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था और जनता की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य करते हैं, इसलिए उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। गिरिडीह शाखा ने प्रदेश संगठन के रुख का समर्थन करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों के सम्मान और मनोबल से जुड़े मुद्दों पर संगठन आगे भी एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।