Jul 27, 2026 07:22 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
जामिया मिलिया इस्लामिया ने 49 डिस्टेन्स, ऑनलाइन कोर्सेज के लिए दाखिला शुरू हो गया है। इन कोर्सेज में आवेदन की अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 है।

जामिया मिलिया इस्लामिया
दिल्ली की मशहूर केंद्रीय यूनिवर्सिटी जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) ने एक बार फिर लाखों छात्रों के लिए घर बैठे पढ़ाई का दरवाजा खोल दिया है। जो लोग नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों या किसी और वजह से नियमित कॉलेज नहीं जा पाते उनके लिए यह खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं। यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) ने सत्र 2026-27 के लिए कुल 49 डिस्टेंस और ऑनलाइन कोर्सेज में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार अब आधिकारिक पोर्टल admission.jmi.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
जामिया का यह सेंटर पिछले कई सालों से ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और ऑनलाइन लर्निंग (OL) मोड में छात्रों को पढ़ाई का मौका दे रहा है और हर साल इसमें कोर्सेज की संख्या और दायरा बढ़ता ही जा रहा है।
आवेदन की आखिरी तारीख कब है?
जो छात्र इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें ज्यादा देर सोचने की गुंजाइश नहीं है। यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी शेड्यूल के मुताबिक, आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 तय की गई है। यानी छात्रों के पास फॉर्म भरने, ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करने और फीस जमा करने के लिए सीमित समय ही बचा है।
इस बार दो नए कोर्सेज जुड़े लिस्ट में
हर साल की तरह इस बार भी CDOE ने अपनी कोर्स लिस्ट में कुछ नयापन जोड़ा है। इस सत्र से दो नए प्रोग्राम शुरू किए गए हैं, बैचलर ऑफ साइंस (बायोसाइंसेज) और मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए)। खास बात यह है कि दोनों ही कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन मोड में पढ़ाए जाएंगे। इन नए कोर्सेज़ में दाखिला चाहने वाले छात्रों का चयन उनकी पिछली योग्यता परीक्षा के अंकों और एक इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। वहीं, एमबीए (ODL) और बीएड जैसे कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटी एक प्रवेश परीक्षा भी आयोजित करेगी, जो 22 अगस्त 2026 को होनी है। परीक्षा का सही वेन्यू और समय एडमिट कार्ड के ज़रिए उम्मीदवारों को बताया जाएगा।
किन-किन कोर्सेज में मिलेगा दाखिला
पोस्टग्रेजुएट स्तर पर छात्र हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, भूगोल, इतिहास, इस्लामिक स्टडीज़, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट और एजुकेशन में एमए, साथ ही एमकॉम और एमबीए (ओडीएल) जैसे कोर्सेज़ में दाखिला ले सकते हैं। अंडरग्रेजुएट स्तर पर बीए (जनरल), बीकॉम और बीबीए जैसे विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा डिग्री कोर्सेज के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ने कई डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज़ के दरवाज़े भी खोले हैं। इनमें गाइडेंस एंड काउंसलिंग में पीजी डिप्लोमा, अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन में डिप्लोमा, एजुकेशनल मीडिया प्रोडक्शन और मास मीडिया में एडवांस्ड डिप्लोमा, और कंप्यूटर हार्डवेयर-नेटवर्क टेक्नोलॉजी व इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं।
कैसे होगा चयन?
ज्यादातर डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में दाखिला योग्यता परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट के ज़रिए दिया जाएगा। लेकिन MBA (ODL) और बीएड जैसे कोर्सेज के लिए स्थिति थोड़ी अलग है, इनके लिए यूनिवर्सिटी जामिया कैंपस में परीक्षा आयोजित करेगी। जिन उम्मीदवारों का चयन होगा, उन्हें उनकी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर दाखिले की पुष्टि भेजी जाएगी। इसी ईमेल में उन्हें फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का शेड्यूल भी बताया जाएगा। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, दस्तावेज़ों की जांच और फीस जमा करने की प्रक्रिया 31 अगस्त से 10 सितंबर 2026 के बीच पूरी की जाएगी।
छात्रों के लिए क्यों है यह मौका खास
जामिया मिलिया इस्लामिया का यह डिस्टेंस और ऑनलाइन एजुकेशन प्रोग्राम खासतौर पर उन छात्रों के लिए फायदेमंद है जो काम करते हुए आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी होने की वजह से इन डिग्रियों की मान्यता और भरोसा दोनों बना रहता है। जो भी उम्मीदवार इन कोर्सेज में दिलचस्पी रखते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे 10 अगस्त की डेडलाइन से पहले ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि आखिरी वक्त की भागदौड़ से बचा जा सके।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwari
शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव
