Updated: Monday, September 21, 2026, 22:08 [IST]
Bihar Jamui Case: जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार की ओर से घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कार्रवाई का हवाला दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। वहीं, सियासी पारा चढ़ता ही जा रहा है। तेजस्वी यादव ने राज्य की सरकार पर तीखा निशाना साधा है। आइए जानते हैं कि बचाव में सम्राट चौधरी ने क्या पलटवार किया?
Tejashwi Yadav: 'आज बिहार में लड़कियां सुरक्षित नहीं'
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमुई की घटना को बेहद दुखद बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में आज लड़कियां और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ घटनाएं घर के बाहर ही नहीं, बल्कि घर और शैक्षणिक संस्थानों तक में हो रही हैं। उन्होंने सरकार और पुलिस पर मामलों को दबाने का आरोप भी लगाया और कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय मामलों को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
तेजस्वी ने बिहार में 'गुंडाराज' कायम होने का आरोप लगाते हुए सरकार से महिला सुरक्षा पर जवाब मांगा। उनके बयान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर स्वयं 7 हत्याओं का मामला है। सरकार को आईना देखना चाहिए... कहीं कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
Shreyasi Singh: 'घटना दुर्भाग्यपूर्ण, राजनीति नहीं होनी चाहिए'
जमुई की स्थानीय विधायक और बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने विपक्ष के राजनीतिक आरोपों पर कहा कि ऐसी घटनाओं का राजनीतिकरण करना संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
श्रेयसी सिंह के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की और संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि अभी अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई चल रही है।
मंत्री ने यह भी कहा कि शुरुआती स्तर पर पीड़ित परिवार या समुदाय की ओर से FIR दर्ज नहीं कराई गई थी, जिसके कारण घटना की सूचना मिलने में देरी हुई। उनके अनुसार, दोपहर तक तीन गिरफ्तारियां हो चुकी थीं और प्रशासन बाकी आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहा था।
Tej Pratap Yadav: 'सरकार को जवाब देना होगा'
जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने भी जमुई की घटना को लेकर बिहार सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जवाबदेही सरकार की है और मुख्यमंत्री को घटना पर जवाब देना चाहिए। तेज प्रताप ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कहीं किसी निर्दोष को पकड़कर गिरफ्तारी दिखाने की कोशिश न कर रही हो और वास्तविक दोषियों की गिरफ्तारी जरूरी है। हालांकि यह उनका आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जवाब नहीं दिया तो उनकी पार्टी इस मुद्दे पर अनशन और आंदोलन करेगी।
'जमुई की घटना छिटपुट', JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा बोले
बिहार JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने जमुई की घटना को 'छिटपुट घटना' बताते हुए कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर संवेदनशील है और प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। उमेश कुशवाहा ने कहा कि जब भी इस तरह की कोई घटना होती है, सरकार और प्रशासन उस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई कर रही है और घटना को अंजाम देने वाले लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
JDU प्रदेश अध्यक्ष ने बिहार की मौजूदा स्थिति की तुलना 2005 से पहले के दौर से भी की। उन्होंने कहा कि उस समय बिहार के हालात ऐसे थे कि लोग घर से बाहर निकलने में भी डरते थे और किसी तरह अपनी जिंदगी गुजार रहे थे। उन्होंने कहा कि आज अगर कोई घटना होती है तो प्रशासन उस पर कार्रवाई करता है और पुलिस एक्शन लेती है। उमेश कुशवाहा ने दावा किया कि अपराधी कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे जल्द पुलिस की गिरफ्त में लाया जाएगा। जमुई मामले में पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
Rahul Gandhi का सवाल- बिहार में लड़की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
वहीं, राहुल गांधी ने भी बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला बताया। कहा कि 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे। इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह 'संस्कृति' नहीं है, यह पितृसत्ता है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है। उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?