Ranchi News : झारखंड में सात वर्षों से बंद छात्र संघ चुनाव को पुन: कराने, लंबित शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने और छात्रों को उनके अधिकार दिलाने को लेकर झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा (JCAM) का गठन किया गया है. सोमवार को DSPMU में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन की औपचारिक घोषणा की गई.
JCAM के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद से राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं. इससे छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी प्रभावित हुई है. संगठन ने कहा कि छात्र संघ चुनाव फिर से कराना उसके पहले बड़े संघर्षों में शामिल होगी.
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चुनाव शुल्क को लेकर उठाए सवाल
JCAM ने रांची विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव के नाम पर लिए जाने वाले शुल्क को लेकर भी सवाल उठाया. पदाधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय में हर वर्ष करीब 45 हजार छात्रों का दाखिला होता है, जिनसे चुनाव के लिए शुल्क लिया जाता है.
JCAM ने छात्र संघ चुनाव के नाम पर सलाना करीब 45 लाख रुपये शुल्क जमा होने का दावा किया. संगठन का कहना है कि सात वर्षों से चुनाव नहीं होने के बावजूद करीब तीन करोड़ रुपये की राशि जमा हुई है. JCAM ने इस राशि के इस्तेमाल को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा है.
लेट सेशन को बताया छात्रों के भविष्य का मुद्दा
संगठन ने शैक्षणिक सत्र लेट होने पर चिंता जताते हुए कहा कि रांची विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानों में शैक्षणिक सत्र करीब दो वर्ष तक पीछे चल रहा है. इसका असर छात्रों की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ रहा है. मोर्चा ने समय पर परीक्षा कराने, परिणाम जारी करने और शैक्षणिक सत्र नियमित करने की मांग की.
राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने का दावा
JCAM के पदाधिकारियों ने संगठन को गैर-राजनीतिक छात्र संगठन बताते हुए कहा कि इसका किसी राजनीतिक दल से कोई बैकअप नहीं है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठन कई बार राजनीतिक पृष्ठभूमि होने के कारण सरकार के खिलाफ या अपनी ही पार्टी से जुड़े किसी मुद्दे पर खुलकर विरोध नहीं कर पाते हैं.लेकिन JCAM में ऐसी कोई बाध्यता नहीं होगी.
सदस्यों ने कहा कि संगठन छात्र हित के किसी भी मुद्दे पर, जरूरत पड़ने पर सरकार या किसी भी पक्ष के खिलाफ आवाज उठाएगा. संगठन का उद्देश्य राजनीतिक करियर बनाना नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं को उठाना और उन्हें उनके अधिकार दिलाना है.
मोर्चा ने जाति और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सभी छात्रों को जोड़ने और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही.
DSPMU से होगी संगठन की शुरुआत
JCAM की गतिविधियों की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) से की जाएगी. इसके बाद रांची विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय और कोल्हान विश्वविद्यालय समेत राज्यभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में संगठन का विस्तार करने की योजना है.
मोर्चा की प्रारंभिक कार्यकारिणी में दयाराम को अध्यक्ष, वसीम अंसारी को कार्यकारी अध्यक्ष, बादल भोक्ता को उपाध्यक्ष, सुनील सोरेन को कोषाध्यक्ष, सोनू ताती को सचिव और राकेश रोशन को महासचिव बनाया गया है.
दयाराम को छात्र राजनीति में करीब आठ से नौ वर्षों का अनुभव है. जबकि वसीम अंसारी पिछले चार वर्षों से DSPMU में छात्र मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं. JCAM पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में छात्र संघ चुनाव फिर से कराने समेत अन्य छात्र हित मुद्दों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा.