केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से बीते दिनों धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद NEET को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन खत्म हो गया है. वहीं इस बीच NTA के सभी अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है. तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के एंट्रेंस एग्जाम सिस्टम में बदलाव के लिए 6 सदस्यीय टॉस्क फोर्स गठित कर दी है. इस बदलाव के तहत JEE की तर्ज पर साल में दो बार NEET UG आयोजित कराने पर भी विचार किया जा रहा है, जिस पर सहमति बनने की चर्चा है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि ऐसा क्यों कहा जा रहा है कि JEE की तर्ज पर NEET UG का आयोजन साल में दो बार कराने पर विचार किया जा रहा है. जानते हैं कि क्यों कहा जा रहा है कि NTA के पेपर सरकारी एक्सपर्ट करेंगे.
राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें लागू
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर शुरू हुआ प्रदर्शन खत्म हो गया है. इसके साथ ही एग्जाम सिस्टम में बदलाव की कवायद भी शुरू हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुतााबिक शिक्षा मंत्रालय ने इसरो के पूर्व चैयरमैन डॉ राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों को लागू कर दिया है. इसी कड़ी में NTA के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है. तो वहीं सिफारिशों के अनुरूप ही NTA में नई नियुक्तियां होनी हैं.
सरकारी एक्सपर्ट तैयार करेंगे पेपर
एग्जाम सिस्टम में बदलाव के तहत पेपर लीक को रोकने की कवायद के लिए पूरे सिस्टम में सरकारी एक्सपर्ट की भूमिका सुनिश्चित की जा रही है, जिसके तहत NTA के नीट यूजी समेत दूसरे एंट्रेंस एग्जाम के पेपर सरकारी एक्सपर्ट करेंगे. NTA अभी तक पेपर तैयार करने के लिए आउटसोर्सिंग करता था. इसी कड़ी में पेपर लीक के कई ऐसे आरोपी पकड़े गए हैं, जो इस आउटसोर्सिंग सिस्टम का हिस्सा थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और एक्सपर्ट को NTA का पेपर तैयार करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी.
NTA में अनुवादकों की भी होगी भर्ती
पेपर लीक रोकने के लिए जहां पेपर तैयार करने में सरकारी एक्सपर्ट की भूमिका सुनिश्चित करने की योजना है तो वहीं एंट्रेंस एग्जाम के पेपर ट्रांसलेट करवाने के लिए NTA अनुवादकों की भी भर्ती करेगा. 13 भाषाओं के अनुवादकों की भर्ती की जानी है. नए सिस्टम में सभी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होगी.
NEET UG के मौके भी सीमित होंगे
NEET यूजी को JEE की तर्ज पर साल में दो बार आयोजित कराने पर विचार किया जा रहा है. तो वहीं नीट यूजी के लिए मौके भी सीमित किए जाने पर चर्चा है, जिसके तहत किसी भी कैंडिडेट्स को तीन से चार मौके ही नीट यूजी देने के मिल सकते हैं. उससे पहले CBT मोड में नीट यूजी का आयोजन होना है. यानी नीट यूजी 2027 का आयोजन CBT मोड में होगा, जिसके तहत 5 से 6 दिन नीट यूजी आयोजित होगा. माना जा रहा है कि ये मॉडल सफल होता है तो नीट यूजी को साल में दो बार आयोजित कराने पर विचार किया जाना है.

मनोज भट्ट
पत्रकारिता में एक दशक से अधिक समय से सक्रिय. नवोदय टाइम्स, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान में लंबे समय तक फील्ड रिपोर्टिंग. कई मुद्दों व खबरों को लीड किया, जो चर्चा में रही. अभी तक पंचायत, कृषि, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, राजनीति, पर्यावरण, स्वास्थ्य, चुनाव, बिजनेस से जुड़े विषयों पर काम किया है और इनमें लेखन की दिलचस्पी है.
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