Jharkhand: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आंदोलनकारी छात्रों के मुफ्त इलाज का ऐलान किया और अस्पतालों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए.
Jharkhand: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आंदोलनकारी छात्रों के मुफ्त इलाज का ऐलान किया और अस्पतालों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए.
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झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी
Jharkhand:झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने रविवार (9 अगस्त) को राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि आंदोलन के दौरान अगर कोई छात्र बीमार पड़ता है या उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत होती है, तो उसका बेहतर इलाज किया जाए. इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा है कि आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं से इलाज के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाएगा. उनके इलाज का जरूरी खर्च राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग उठाएगा. अगर किसी छात्र को इलाज के दौरान अतिरिक्त मदद की जरूरत पड़ती है, तो स्वास्थ्य मंत्री ने व्यक्तिगत स्तर पर भी हर संभव सहायता देने की बात कही है.
किसी छात्र को इलाज से वंचित न किया जाए
डॉ. इरफान अंसारी ने अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी आंदोलनकारी छात्र-छात्रा को इलाज से वंचित नहीं किया जाए. अगर किसी की तबीयत बिगड़ती है तो उसे तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने कहा कि छात्रों की जान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है. स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, आंदोलन स्थल पर किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए मेडिकल टीम को लगातार तैनात रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग आंदोलन कर रहे छात्रों की सेहत पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.
‘मेरे आंदोलनकारी बच्चे हैं, उनकी जान सबसे ज्यादा कीमती’
डॉ. इरफान अंसारी ने आंदोलन कर रहे छात्रों से भावुक अपील की. उन्होंने कहा कि युवा दिन-रात अपने अधिकारों और मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं. सरकार उनकी भावनाओं और परेशानियों को समझती है. उन्होंने कहा, “मेरे आंदोलनकारी युवा मेरे बच्चे हैं. आपकी पीड़ा मेरी पीड़ा है. मैं नहीं चाहता कि अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ते हुए मेरे किसी बच्चे की जान खतरे में पड़े.”
बेहद खुशी है कि हमारे बच्चे राहुल क्रांतिकारी अब बिल्कुल खतरे से बाहर हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
मैं अपने सभी आंदोलनकारी बच्चों से कहना चाहता हूं—आप हमारे अपने हैं। आपके कष्ट में मुझे भी पीड़ा होती है। सरकार आपकी जायज मांगों पर गंभीर है और वार्ता के रास्ते… pic.twitter.com/kVmtchBMss
— Dr. Irfan Ansari (@IrfanAnsariMLA) August 8, 2026
स्वास्थ्य मंत्री ने छात्रों से अनशन और भूख हड़ताल से बचने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर धरना दे सकते हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा सकते हैं, लेकिन अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए.
सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही
डॉ. अंसारी ने कहा कि सरकार आंदोलनकारी छात्रों की मांगों को नजरअंदाज नहीं कर रही है. उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू भी इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने छात्रों से सरकार पर भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं का बातचीत और संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों की लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन उनकी जिंदगी उससे कहीं ज्यादा कीमती है. सरकार की सबसे बड़ी चिंता यही है कि आंदोलन के दौरान किसी भी छात्र की जान खतरे में न पड़े.
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