Jharkhand News: रांची के अपर बाजार सब स्टेशन में बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव से अब राहत मिलेगी. बिजली विभाग ने सब स्टेशन की ऊंचाई बढ़ाने और मरम्मत का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजा है.
Jharkhand News: रांची के अपर बाजार सब स्टेशन में बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव से अब राहत मिलेगी. बिजली विभाग ने सब स्टेशन की ऊंचाई बढ़ाने और मरम्मत का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजा है.
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सांकेतिक तस्वीर Photograph: (AI)
Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची के दिल कहे जाने वाले अपर बाजार और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को जल्द ही बारिश के दिनों में बिजली कटौती से बड़ी राहत मिलने वाली है. बरसात के मौसम में हर साल होने वाले भारी जलजमाव के कारण अपर बाजार सब स्टेशन को बार-बार बंद करना पड़ता था. इस पुरानी और गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के न्यू कैपिटल डिविजन ने पूरी तैयारी कर ली है. डिविजन की ओर से सब स्टेशन के परिसर की ऊंचाई बढ़ाने समेत कई जरूरी निर्माण कार्यों का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करके मुख्यालय को भेजा गया है. इस योजना पर अमल होते ही भारी बारिश के बीच भी शहर के बड़े हिस्से में बिजली की सप्लाई सुचारू रूप से चलती रहेगी.
निचले इलाके में होने से भर जाता है कई फीट पानी
सेवा सदन पथ पर स्थित अपर बाजार सब स्टेशन भौगोलिक रूप से काफी निचले इलाके में बना हुआ है. जब भी रांची में तेज बारिश होती है, तो पहाड़ी मंदिर और आसपास के ऊंचे इलाकों का पानी बहकर बड़ा तालाब के रास्ते सीधे सेवा सदन रोड पर आ जाता है. इस इलाके में पानी की निकासी के लिए बना नाला और ड्रेनेज सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि वह भारी बहाव को संभाल सके. नतीजा यह होता है कि सड़कों पर बहने वाला गंदा पानी सब स्टेशन की चहारदीवारी और मुख्य गेट को पार करके पूरे परिसर में फैल जाता है. कई बार तो हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि सब स्टेशन के अंदर तीन से चार फीट तक पानी जमा हो जाता है.
सुरक्षा कारणों से घंटों ठप रखनी पड़ती है सप्लाई
सब स्टेशन परिसर में पानी भरने से स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है. बारिश का पानी सीधे पैनल रूम, कर्मचारियों के बैठने के कमरे, कनीय अभियंता के कार्यालय और पूरे स्विचयार्ड में घुस जाता है. हाई वोल्टेज उपकरणों में पानी जाने से बड़ा हादसा होने और उपकरणों के जलने का भारी खतरा बना रहता है. ऐसे में बिजली विभाग के पास सुरक्षा को देखते हुए मुख्य ग्रिड से पूरे सब स्टेशन की बिजली सप्लाई काटने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है. जब तक परिसर से पानी पूरी तरह बाहर नहीं निकल जाता, तब तक बिजली चालू नहीं की जाती. इस प्रक्रिया में कई बार घंटों लग जाते हैं और हजारों लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है.
VVIP और रिहायशी इलाकों की बिजली होती है प्रभावित
अपर बाजार सब स्टेशन रांची शहर की बिजली व्यवस्था की एक अहम धुरी है. इस सब स्टेशन से वर्तमान समय में रोजाना करीब 15 से 16 मेगावाट बिजली की सप्लाई की जाती है. परिसर में दस-दस एमवीए क्षमता के दो बड़े पावर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं. समय के साथ आबादी और लोड को देखते हुए सब स्टेशन की क्षमता तो बढ़ा दी गई, लेकिन जलजमाव की समस्या जस की तस बनी रही. इस सब स्टेशन से अपर बाजार, बकरी बाजार, भुईयां टोली, शहीद चौक, टेलीफोन एक्सचेंज रोड, राजभवन और अरगोड़ा जैसे बेहद महत्वपूर्ण और वीवीआईपी क्षेत्रों को बिजली दी जाती है. सब स्टेशन बंद होते ही शहर की एक बहुत बड़ी आबादी का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है.
व्यापार और उद्योग जगत को होता है भारी नुकसान
अपर बाजार केवल एक रिहायशी इलाका नहीं है, बल्कि यह पूरी राजधानी का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है. यहां कपड़ों, खाद्यान्न, इलेक्ट्रॉनिक सामान और दैनिक उपभोग की वस्तुओं का थोक और खुदरा कारोबार बड़े पैमाने पर होता है. इसके साथ ही आसपास के इलाकों में कई छोटे और मंझोले औद्योगिक संस्थान भी काम करते हैं. बारिश के दिनों में घंटों बिजली गुल रहने से व्यापारिक लेन-देन, बिलिंग, ऑनलाइन भुगतान और गोदामों का काम पूरी तरह रुक जाता है. उद्योगों में उत्पादन बंद होने से कारोबारियों को हर साल लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है.
ऊंचाई बढ़ाने और नए निर्माण का भेजा गया प्रस्ताव
इस जटिल समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए न्यू कैपिटल डिविजन ने मुख्यालय को एक ठोस कार्ययोजना भेजी है. प्रस्ताव के तहत पूरे सब स्टेशन परिसर के भूतल को ऊंचा किया जाएगा. इसके साथ ही वहां लगे दोनों पावर ट्रांसफार्मरों को एक ऊंचे चबूतरे पर स्थापित करने की योजना है ताकि पानी उनके करीब न पहुंच सके. परिसर की घेराबंदी को और मजबूत किया जाएगा और वहां से गुजरने वाले 11 केवी के तारों की ऊंचाई भी बढ़ाई जाएगी. इसके अलावा कंट्रोल पैनल और स्टाफ के लिए नए सुरक्षित कमरों का निर्माण किया जाएगा. मुख्यालय से स्वीकृति और राशि मिलते ही इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा ताकि आने वाले दिनों में रांचीवासियों को बारिश में बिजली कटौती से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सके.
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