नीट पेपर लीक मामले पर झारखंड में सियासत तेज, JMM का मशाल जुलूस; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

Published on 23 जुल॰ 2026

Ranchi : नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध के बीच झारखंड में भी राजनीतिक माहौल गरमा गया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पेपर लीक और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

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जेएमएम की केंद्रीय समिति के आह्वान पर राज्य के सभी 24 जिलों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए. कई स्थानों पर केंद्र सरकार का पुतला दहन भी किया गया. प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.


प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की. उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ और छात्राओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया. इन आरोपों को लेकर जेएमएम नेताओं ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा.


विरोध प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं लगातार सामने आई हैं. उनका कहना था कि इससे युवाओं और अभिभावकों का परीक्षा व्यवस्था से विश्वास कमजोर हुआ है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है.


जेएमएम और छात्र संगठनों ने अपनी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कथित पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग रखी. प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि यदि पेपर लीक और उससे जुड़े घटनाक्रमों के कारण किसी छात्र की मृत्यु या आत्महत्या हुई है, तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता प्रदान की जाए.


प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. उनका दावा है कि इस मुद्दे पर देशभर के छात्र और अभिभावक एकजुट हो रहे हैं और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.

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