JNU: दिल्ली के सरदार पटेल स्कूल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान जेएनयू प्रोफेसर एमेरिटा जोया हसन का भाषण रद्द कर दिया गया, क्योंकि VHP से जुड़े लोग स्कूल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंच गए थे। जिसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दिया।
स्कूल कार्यक्रम में जेएनयू प्रोफेसर एमेरिटा जोया हसन का भाषण रद्द।
- Published: 14 Aug 2026, 04:17 PM IST
- Last Updated: 14 Aug 2026, 04:17 PM IST
JNU: दिल्ली के एक स्कूल में आज 14 अगस्त शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की प्रोफेसर एमेरिटा जोया हसन भी पहुंची, लेकिन उनका भाषण आखिरी समय पर रद्द कर दिया गया। दरअसल स्कूल की ओर से उन्हें 15 अगस्त और स्कॉलरशिप अवॉर्ड कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया था। उन्हें राष्ट्रीय ध्वज फहराना और बच्चों को संबोधित करना था।
जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम का आयोजन लोदी एस्टेट के सरदार पटेल विद्यालय में सुबह 10 बजे होने वाला था, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले स्कूल के बाहर कुछ लोग विरोध जताने के लिए पहुंच गए।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़े करीब 10 से 15 लोग स्कूल के बाहर जमा हो गए थे। जिसे देखते हुए स्कूल परिसर के आसपास सुरक्षा को बढ़ा दिया गया, इसके साथ ही बढ़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।
स्कूल ने क्या कहा ?
स्कूल की ओर से कहा गया है कि सुरक्षा कारणों को देखते हुए जोया हसन की स्कूल में एंट्री और उनका भाषण रद्द कर दिया गया है। स्कूल प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि ये फैसला पुलिस की सलाह पर लिया गया था।
स्कूल ने खुद हालातों को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। स्कूल से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि सुबह स्कूल के बाहर कुछ लोग जमा हो गए थे। इसके बाद मामला राजनीतिक विवाद में न बदल जाए इसके लिए कार्यक्रम में बदलाव किया गया।
स्कूल अधिकारियों ने क्या कहा ?
स्कूल अधिकारियों का कहना है कि मेन कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। गुजरात एजुकेशन सोसाइटी (GES) की अध्यक्ष और स्कूल की पूर्व छात्रा श्वेता कल्याणवाला ने कार्यक्रम में जोया हसन की जगह ली।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्कूल की ओर से सुरक्षा को लेकर जानकारी दी गई थी। पुलिस के मुताबिक उनके जवानों की तैनाती केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी। पुलिस ने कार्यक्रम को जबरन रद्द कराने के आरोप से इनकार किया।
शिक्षाविदों ने कार्यक्रम रद्द करने पर उठाए सवाल
पॉलिटिकल साइंस की विशेषज्ञ जोया हसन को कार्यक्रम में छात्रों के साथ बहुलवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करनी थी। हालांकि, इस पूरे मामले पर उनकी ओर से अभी कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, कुछ शिक्षाविदों ने कार्यक्रम में उनके भाषण को रद्द किए जाने पर सवाल उठाए हैं।
अर्थशास्त्री जयंती घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि सुरक्षा के नाम पर जोया हसन को छात्रों से बातचीत करने से रोका गया। शिक्षाविद अपूर्वानंद ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि अगर विरोध हो रहा था तो प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल किया जाना चाहिए था, न कि वक्ता को कार्यक्रम से हटाया जाना चाहिए था।