JSSC CGL Case: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी को अब तक की जांच में कई अहम इनपुट मिले हैं. एजेंटों से पूछताछ के आधार पर एसआईटी पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच में 100 से अधिक ऐसे सफल अभ्यर्थियों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर गलत तरीके से परीक्षा पास की है. इनमें से 10 अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. एसआईटी को उम्मीद है कि अगले एक माह में कई और अभ्यर्थियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है.
दो माह में 36 आरोपियों की गिरफ्तारी
परीक्षा में गड़बड़ी की जांच शुरू होने के करीब दो माह के दौरान अब तक इस मामले में कुल 36 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच के दौरान लगातार मिल रहे इनपुट के आधार पर सीआईडी की टीम छापेमारी और गिरफ्तारी कर रही है. हालांकि, अब तक जेएसएससी के किसी अधिकारी या कर्मचारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
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आईसीएन के कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ
परीक्षा संचालन का काम करने वाली एजेंसी आईसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई बड़े नाम सामने आने की बात कही जा रही है. सीआईडी मिथिलेश सिंह तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी क्रम में आईसीएन के कर्मचारी सोमांश और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया है. दोनों से पहले भी पूछताछ हो चुकी है. अब सीआईडी ने दोनों को दोबारा रिमांड पर लिया है. सोमांश और राहुल से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर सीआईडी मिथिलेश सिंह और कथित तौर पर गलत तरीके से परीक्षा में सफल हुए अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. एजेंटों से पूछताछ के दौरान सामने आ रही जानकारियों को जोड़कर एसआईटी पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है.
जेपीएससी और जेएसएससी मामलों में गिरफ्तारी का अलग-अलग पैटर्न
सीआईडी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की अलग-अलग एसआइटी से जांच करा रही है. दोनों मामलों में अब तक हुई गिरफ्तारियों में अंतर भी साफ नजर आता है. जेएसएससी सीजीएल मामले में एजेंट और परीक्षा में सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन जेएसएससी के अधिकारी और कर्मचारी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं. वहीं, जेपीएससी मामले में तत्कालीन चेयरमैन आइएएस एल खियांग्ते, परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मुख्य सचिव के कर्मी समेत कई बड़े पदों पर रहे लोगों और सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
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गलत तरीके से सफल होने के आरोप में ये हुए गिरफ्तार
परीक्षा में गलत तरीके से सफलता हासिल करने के आरोप में टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी, उनकी पत्नी सुषमा कुमारी, भाई अक्षय तिवारी, दीपक कुमार, फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार, समीर कुमार, आनंद कुमार सिंह, कुंदन कुमार, उमेश कुमार, विजय कुमार तिवारी, अजय कुमार और रामकृष्ण कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है.
पैसे लेकर अभ्यर्थियों को पास कराने के आरोप में एजेंट गिरफ्तार
अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें परीक्षा में सफल कराने के आरोप में छपरा के मनु कुमार सिंह, देवघर के सुधाकर यादव, पटना के राजन कुमार, दिलीप कुमार पासवान, कोडरमा के संदीप कुमार और राजेश प्रसाद यादव को गिरफ्तार किया गया है. सीआइडी के अनुसार, इनमें से अधिकांश आरोपी अभय तिवारी के सिंडिकेट से जुड़े थे. सीआइडी इससे पहले भी इस मामले की जांच कर चुकी है. उस दौरान 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी. इनमें अधिकतर पुलिस के जवान शामिल थे.
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