दिमाग होगा तेज, बढ़ेगी इम्युनिटी: बच्चों को खिलाएं Kabita's Kitchen का ये स्पेशल लड्डू

Published on 15 अग॰ 2026

लाइफस्टाइल

  • Authored by: सुनीत सिंहInsights by: कविता सिंह
  • Updated Aug 15, 2026, 10:48 AM IST

इस लड्डू की खासियत यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री का अपना एक विशिष्ट औषधीय महत्व है। रागी में डाइटरी फाइबर और आवश्यक खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं।

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Kabita's Kitchen से सीखें पौष्टिक रागी के लड्डू बनाने की आसान रेसिपी

Ragi Laddoo Recipe: आज की तेज रफ्तार दुनिया में लगभग हर माता-पिता के सामने एक बड़ी चुनौती यह होती है कि बच्चों को ऐसा क्या खिलाया जाए जो न केवल स्वादिष्ट हो, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायक हो। बहुत से बच्चे जंक फूड के जाल में फंस जाते हैं, जो उनकी सेहत को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाता है। बच्चों को जंक फूड से दूर रखने के लिए कई ऐसी स्वादिष्ट और पोषक चीजें हैं जो हम उन्हें दे सकते हैं। रागी से बने लड्डू भी ऐसे ही लाजवाब विकल्पों में से एक है।

न्यूट्रिशनिस्टऔर डाइटिशियन्स रागी के लड्डू को 'पोषण का पावरहाउस' भी मानते हैं। यह न केवल बच्चों की हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं, बल्कि उनकी इम्यूनिटी और दिमागी ताकत बढ़ाने में भी बेजोड़ हैं। अआप इसे आसानी से घर पर भी बना सकते हैं। इस काम में Kabita's Kitchen आपकी मदद कर सकता है। दरअसल यहां रागी के स्वादिष्ट और पोषक लड्डू बनाने की आसान रेसिपी दी गई है:

इस लड्डू की खासियत यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री का अपना एक विशिष्ट औषधीय महत्व है। रागी में डाइटरी फाइबर और आवश्यक खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं। चीनी की जगह इसमें गुड़ का उपयोग किया गया है, जो एक अनरिफाइंड नेचुरल स्वीटनर है।

इसमें शामिल किए गए सूखे मेवे इसे और भी शक्तिशाली बनाते हैं। बादाम जहां याददाश्त को तेज करता है और दिल की सेहत का ख्याल रखता है, वहीं काजू प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और हेल्दी फैट का बेहतरीन स्रोत है। पिस्ता में कम कैलोरी होती है और मेलन सीड्स व पंपकिन सीड्स आवश्यक खनिज और फैटी एसिड प्रदान करते हैं। इसके अलावा, मिक्स्ड बेरीज से शरीर को विभिन्न विटामिन्स मिलते हैं, जो बच्चों की बढ़ती उम्र के लिए अनिवार्य हैं।

रागी के लड्डू बनाने की रेसिपी

इस रेसिपी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाना बेहद सरल है और इसमें बहुत कम घी का इस्तेमाल होता है-

ड्राई रोस्टिंग: सबसे पहले काजू, बादाम और सभी बीजों को बिना घी के सूखा भून लिया जाता है ताकि उनका क्रंच बना रहे। अगर आप बच्चों के लिए बना रहे हैं, तो इन्हें ठंडा करके एक बारीक पाउडर बना लें ताकि वे इसे आसानी से खा सकें। बड़ों के लिए इसे थोड़ा दरदरा भी रखा जा सकता है।

रागी की भुनाई: इसके बाद कड़ाही में थोड़ा घी डालकर रागी के आटे को धीमी आंच पर 7-8 मिनट तक भूना जाता है। घी को एक साथ डालने के बजाय किश्तों में डालने से आटा अच्छी तरह पकता है और इसमें गुठलियां नहीं पड़तीं।

नेचुरल मिठास: गुड़ को थोड़े से पानी के साथ पिघलाकर चाशनी तैयार की जाती है। ध्यान रहे कि यहां कोई तार वाली चाशनी नहीं बनानी है, बस गुड़ को अच्छी तरह पिघलाना है

मिश्रण तैयार करना: भुने हुए रागी और ड्राई फ्रूट्स के पाउडर में थोड़ा सा जायफल घिसकर डाला जाता है, जो स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए उत्तम है। अंत में गुड़ की चाशनी मिलाकर हाथों से गोल लड्डू तैयार कर लिए जाते हैं।

हर उम्र के लोगों के लिए उपयोगी

यह लड्डू न केवल स्कूली बच्चों के टिफिन के लिए बेहतरीन हैं, बल्कि जो लोग जिम जाते हैं या वर्कआउट करते हैं, उनके लिए भी यह ऊर्जा का एक शानदार स्रोत हैं। यहां तक कि रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर भी आप इसे अपने उन भाई-बहनों के लिए बना सकते हैं जो अपनी फिटनेस के प्रति सचेत रहते हैं।

केवल दो चम्मच घी में तैयार होने वाले ये लड्डू इस बात का प्रमाण हैं कि सेहतमंद भोजन नीरस या बेस्वाद नहीं होता। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स इसे परिवार के हर सदस्य के लिए एक आदर्श स्नैक बनाते हैं। तो देर किस बात की? आज ही इस 'हेल्दी और टेस्टी' रेसिपी को आजमाएं और अपने परिवार को पोषण का उपहार दें।

Suneet Singh

सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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