Kal Ka Mausam 7 August 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर में बारिश को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया है. सप्ताह के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली-NCR में कई जगहों पर बारिश और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. मध्यप्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के दौर भी होंगे. कोंकण, गोवा, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में व्यापक बारिश की संभावना है. दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है.
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्य पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश हो सकती है. सप्ताह की शुरुआत में नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है. पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा में व्यापक भारी बारिश का अनुमान है. गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट से लेकर भारी बारिश हो सकती है. तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में व्यापक भारी बारिश, साथ ही तेज़ हवाएं चलेंगी.
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जानें किस राज्य में कैसा रहेगा मौसम?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी पूर्वानुममान के अनुसार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और केरल समेत देश के करीब 15 राज्यों में मॉनसून सक्रिय रहेगा. 7 अगस्त को ओडिशा, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है. केरल और माहे, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में जल-ग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा कम से मध्यम स्तर का बताया गया है.
मछुआरों के लिए चेतावनी
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज़ हवाएं और समुद्र में हलचल की संभावना है; मछुआरों को प्रभावित तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जाती है. कुछ इलाकों में बाढ़, जल-जमाव, भूस्खलन, कच्चे घरों और फसलों को थोड़ा नुकसान, पेड़ों की टहनियां टूटना और ट्रांसपोर्ट में रुकावट आ सकती है.
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खेती-बाड़ी से जुड़ी सलाह: ज़्यादा बारिश वाले राज्यों जैसे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, यूपी, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक, असम) के किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेतों से पानी निकालने का अच्छा इंतज़ाम रखें, केले और टमाटर जैसी फसलों को सहारा दें, खाद डालने का काम टाल दें और कटी हुई फसल को सुरक्षित रखें.