भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच मुख्य आरोपी के मकान का 7 फीट का कोना और दरगाह का करीब 3.4 फीट का अतिक्रमण वाला ढांचा जमींदोज कर दिया गया।
कुरुक्षेत्र में दरगाह के अवैध हिस्से को गिराता बुलडोजर।
- Published: 13 Jul 2026, 01:25 PM IST
- Last Updated: 13 Jul 2026, 01:25 PM IST
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में शिव मंदिर के वृद्ध पुजारी पर जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिले के अढ़ोनी गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम ने आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है।
प्रशासन ने न केवल वारदात के मुख्य आरोपी के घर के अवैध हिस्से को ढहा दिया, बल्कि विवादित दरगाह के भी अतिक्रमण वाले ढांचे को जमींदोज कर दिया है। इसके साथ ही इलाके में बने करीब 16 अन्य अवैध कब्जों पर भी पीला पंजा चलाया जा रहा है।
बुजुर्ग पुजारी को सड़क पर घसीटा था, पैर में आई थीं गंभीर चोटें
यह पूरा विवाद बीते 9 जुलाई की सुबह शुरू हुआ था, जब अढ़ोनी गांव के शिव मंदिर के 74 वर्षीय पुजारी योगीराज गिरी पर जानलेवा हमला किया गया।
आरोप है कि पास की ही एक दरगाह के सेवादार पंकज ने पुजारी के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उनके गले में कपड़ा (परना) डालकर उन्हें बीच सड़क पर घसीटा। इस बर्बरता के कारण बुजुर्ग साधु का पैर टूट गया और उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। वर्तमान में उनका उपचार एलएनजेपी अस्पताल में चल रहा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त था।
मुख्य आरोपी के मकान और दरगाह के अवैध हिस्से पर चला पीला पंजा
सोमवार को पुलिस और प्रशासनिक अमला भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ गांव पहुंचा। सबसे पहले कार्रवाई उस मुख्य आरोपी पंकज के ठिकाने पर हुई, जिसने पुजारी को घसीटा था।
उसके मकान का करीब 7 फीट का हिस्सा, जो सरकारी रास्ते को रोक रहा था, उसे पूरी तरह तोड़ दिया गया। इसके फौरन बाद टीम ने दरगाह का रुख किया। गांव के सरपंच परमजीत सिंह के अनुसार ग्राम पंचायत ने साल 2023 में ही सड़कों पर हुए अवैध कब्जों की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। पैमाइश के दौरान पाया गया कि दरगाह का सामने का करीब 3.4 फीट का ढांचा सरकारी रास्ते की जमीन पर बना हुआ था, जिसे जेसीबी की मदद से ढहा दिया गया है।
कस्टडी से भागने की फिराक में था आरोपी, खुद तुड़वा बैठा पैर
इस मामले का मुख्य आरोपी पंकज 13 जुलाई तक पुलिस की रिमांड पर है। रिमांड के दौरान शनिवार की रात जब पुलिस उसे सह-आरोपी इंद्र की धरपकड़ के लिए ले जा रही थी, तो उसने सांवला गांव के पुल के पास शौच जाने का बहाना बनाया।
गाड़ी रुकते ही उसने पुल से नीचे छलांग लगा दी, जिसके कारण उसका खुद का पैर फ्रैक्चर हो गया। उसे भी उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां पीड़ित पुजारी का इलाज चल रहा है। रविवार को जब पुलिस उसे घटनास्थल की निशानदेही के लिए लाई, तो वह प्लास्टर बंधे पैर के साथ सड़क पर रेंगता हुआ नजर आया।
अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस इस मामले में अब तक तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पंकज और इंद्र पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि पंकज की पत्नी मनप्रीत कौर को अदालत के आदेश के बाद पहले ही न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजा जा चुका है।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। इसी बीच बुधवार को हिंदू साधु समाज ने भी गांव में एक बड़ी महापंचायत बुलाई है, जिसके मद्देनजर खुफिया एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन पूरी मुस्तैदी से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।