
पहली तिमाही में कंपनी के नतीजे काफी शानदार रहा है.Image Credit source: PTI
भारत की लीडिंग इंश्योरेंस कंपनी, लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) ने गुरुवार को बताया कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसका स्टैंडअलोन नेट प्रॉफ़िट सालाना आधार पर (YoY) 23 फीसदी बढ़कर 13,492 करोड़ रुपए हो गया है. एक साल पहले यह 10,986 करोड़ रुपए था. इस दौरान नेट प्रीमियम इनकम सालाना आधार पर 7 फीसदी बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपए हो गई. IRDAI के आंकड़ों के अनुसार, LIC भारतीय जीवन बीमा बाजार में सबसे आगे बनी हुई है और पहले साल की प्रीमियम इनकम में उसकी कुल बाज़ार हिस्सेदारी 60.1 फीसदी है. इस तिमाही के दौरान व्यक्तिगत कारोबार में उसकी बाज़ार हिस्सेदारी 38.89 फीसदी और ग्रुप बिजनेस में 70.9% रही.
कितना बढ़ा कारोबार
LIC का कुल इंडिविजुअल बिजनेस प्रीमियम 6 फीसदी बढ़कर 75,416 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले की तिमाही में 71,474 करोड़ रुपए था. ग्रुप बिजनेस की प्रीमियम इनकम तेज़ी से बढ़ी और 9% बढ़कर 51,834 करोड़ रुपए हो गई, जो पहले 47,726 करोड़ रुपए थी. बीमा कंपनी ने तिमाही के दौरान व्यक्तिगत सेगमेंट में 31.02 लाख पॉलिसी बेचीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 30.4 लाख पॉलिसी बेची गई थीं. यह 2% की वृद्धि थी. सालाना प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) के आधार पर, Q1FY27 में कुल प्रीमियम 13,692 करोड़ रुपए रहा. इसमें व्यक्तिगत कारोबार का हिस्सा 7,532 करोड़ रुपए (यानी 55%) था, जबकि समूह कारोबार का योगदान 6,160 करोड़ रुपए (यानी 45%) रहा.
नए कारोबार की वैल्यू कितनी बढ़ोतरी
LIC के नए कारोबार का मूल्य (VNB) 61% बढ़कर 3,136 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,944 करोड़ रुपए था. नेट VNB मार्जिन 750 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 15.4% से 22.9% हो गया. व्यक्तिगत कारोबार में, पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स का हिस्सा APE का 67.51% यानी 5,085 करोड़ रुपए था. नॉन-पार्टिसिपेटिंग उत्पादों का योगदान 32.49% यानी 2,447 करोड़ रुपए रहा. पिछले साल जून तिमाही में नॉन-पार APE 2,142 करोड़ रुपए था, जो 14% बढ़कर अब बढ़ गया है. इंडिविजुअल बिज़नेस APE में इसकी हिस्सेदारी 30.34% से बढ़कर 32.49% हो गई है. VNB और मार्जिन में बढ़ोतरी से पता चलता है कि LIC लगातार बेहतर प्रोडक्ट मिक्स की ओर बढ़ रही है.
कितना हो गया एलआईसी का एयूएम?
30 जून, 2026 तक LIC के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 4% बढ़कर 59.39 लाख करोड़ रुपए हो गए, जो एक साल पहले 57.05 लाख करोड़ रुपए थे. पिछले साल की इसी तिमाही में सॉल्वेंसी रेश्यो 2.17 था, जो अब बेहतर होकर 2.42 हो गया है. कुल एक्सपेंस रेश्यो 10.63% रहा, जबकि Q1FY26 में यह 10.47% था, यानी इसमें 16 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई. पॉलिसीहोल्डर्स के फंड में निवेश पर यील्ड (अनरियलाइज़्ड गेन्स को छोड़कर) 8.28% रही, जबकि एक साल पहले यह 8.45% थी. पर्सिस्टेंसी रेश्यो मिले-जुले रहे. प्रीमियम के आधार पर, 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेश्यो 75.33% रहा, जबकि पिछले साल यह 75.63% था. 61वें महीने का रेश्यो 61.12% रहा, जबकि पहले यह 63.85% था. पॉलिसी की संख्या के आधार पर, 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेश्यो 64.35% से बेहतर होकर 66.45% हो गया, जबकि 61वें महीने का रेश्यो 51.12% से घटकर 48.74% हो गया.
60 फीसदी से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी
LIC के CEO और MD आर. दोराईस्वामी ने कहा कि लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद कंपनी ने इंडिविजुअल और ग्रुप बिजनेस, दोनों में अपनी लीडरशिप बनाए रखी है. दोराईस्वामी ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में फर्स्ट ईयर प्रीमियम इनकम के हिसाब से हमारी कुल मार्केट हिस्सेदारी 60.10% रही और यह हमारी मार्केट शेयर स्ट्रैटेजी के अनुरूप है. उन्होंने कहा कि VNB और मार्जिन में बढ़ोतरी LIC की प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन और डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी का नतीजा है. उन्होंने कहा कि हमें और भी ज्यादा खुशी इस बात की है कि इस साल हमारा VNB 61% से ज्यादा बढ़ा है और हमारा VNB मार्जिन 7.5% बढ़कर 22.90% हो गया है.

सौरभ शर्मा
15 साल से शेयर मार्केट, इकोनॉमी और कमोडिटी कवर कर रहे हैं. टीवी9 के साथ जुड़ने से पहले डीएनए, एशियानेट, जनसत्ता और राजस्थान पत्रिका जैसे कई बड़े संस्थानों के साथ भी जुड़े रहे.
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